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प्रेमचंद की 146वीं जयंती पर रामकृष्ण महिला महाविद्यालय में संगोष्ठी आयोजित


रांची एक्सप्रेस संवाददाता 

गिरिडीह : रामकृष्ण महिला महाविद्यालय  गिरिडीह में शुक्रवार को हिंदी के महान कथाकार एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती के अवसर पर आईक्यूऐसी एवं हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकों  कर्मचारियों और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रेमचंद के साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे कार्यक्रम का शुभारंभ मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. अनुज कुमार ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक चेतना मानवीय संवेदना और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना का सशक्त दस्तावेज है  उन्होंने कहा कि गोदान  गबन  निर्मला और रंगभूमि जैसे उपन्यास आज भी भारतीय समाज की ज्वलंत समस्याओं को समझने में मार्गदर्शक हैं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्णानन्द शर्मा ने कहा कि प्रेमचंद ने किसान  श्रमिक महिला और समाज के वंचित वर्गों के संघर्ष को अपनी रचनाओं में यथार्थवादी दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया  वहीं डॉ. दीपिका कुमारी ने कहा कि प्रेमचंद के साहित्य में भारतीय समाज की व्यापक जीवन दृष्टि दिखाई देती है जिसमें बालक युवा वृद्ध, गरीब मजदूर किसान और महिलाओं के जीवन का सजीव चित्रण मिलता है।
प्रो. रेणुका साहू ने प्रेमचंद के साहित्य में चित्रित पात्रों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी रचनाओं में समानता नैतिकता सामाजिक न्याय और मानवीय मूल्यों का संदेश निहित है जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था
कार्यक्रम का संचालन छात्रा कशिश कुमारी ने किया इस दौरान प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानियों एवं उपन्यासों के अंशों का वाचन भी किया गया कार्यक्रम में डॉ. संजीव कुमार सिन्हा डॉ. मनीषा रतन होरो डॉ. पूनम प्रभा मुंडू रीना कुमारी रिंकू कुमारी प्रतिमा देवी चिंता देवी सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं