तीन महीने से डीसी कार्यालय में दबी है मजदूरों की जांच रिपोर्ट!
तीन महीने से डीसी कार्यालय में दबी है मजदूरों की जांच रिपोर्ट!
बालमुकुंद फैक्ट्री के 17 छंटनीग्रस्त मजदूरों को अब तक राहत नहीं, राजेश सिन्हा ने जिला प्रशासन पर उठाए सवाल
एक सप्ताह में काम पर नहीं लौटे मजदूर तो बजरंग चौक स्थित कार्यालय जाम करने की चेतावनी, श्रम मंत्री, मुख्यमंत्री व राज्यपाल से करेंगे शिकायत
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
गिरिडीह: चतरो मोड़ स्थित बालमुकुंद फैक्ट्री से छंटनी किए गए 17 मजदूरों को तीन महीने बाद भी न्याय नहीं मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा और असंगठित मजदूर मोर्चा के नेता कन्हाई पांडेय ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में पहुंचने के बावजूद अब तक उसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। राजेश सिन्हा के अनुसार, करीब तीन महीने पूर्व 17 मजदूरों को कथित तौर पर बिना नोटिस के काम से हटा दिया गया था। इसके विरोध में भाकपा माले और असंगठित मजदूर मोर्चा ने आंदोलन करते हुए धरना दिया था। इसके बाद उपायुक्त रामनिवास यादव ने गिरिडीह एसडीओ के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की थी। उनका दावा है कि जांच पूरी कर एसडीओ ने रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को सौंप दी, लेकिन तीन महीने गुजरने के बाद भी रिपोर्ट पर कोई सार्वजनिक कार्रवाई सामने नहीं आई है। ‘प्रशासन पर भरोसा किया, अब आंदोलन ही सहारा राजेश सिन्हा ने कहा कि मजदूरों ने पहले जिला प्रशासन पर भरोसा जताया था और उम्मीद थी कि जांच के बाद उन्हें दोबारा काम पर रखा जाएगा। लेकिन लगातार हो रही देरी से मजदूरों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन की निष्क्रियता से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है।हालांकि, जिला प्रशासन या फैक्ट्री प्रबंधन का पक्ष इस बयान में उपलब्ध नहीं है। लगाए गए आरोपों पर उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना आवश्यक होगा। एक सप्ताह का अल्टीमेटम, बड़े आंदोलन की चेतावनी राजेश सिन्हा और कन्हाई पांडेय ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर सभी छंटनीग्रस्त मजदूरों को वापस काम पर नहीं बुलाया गया, तो बालमुकुंद के बजरंग चौक स्थित कार्यालय का घेराव और जाम किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि इस मामले को लेकर श्रम मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को शिकायत भेजी जाएगी। राजेश सिन्हा ने कहा कि आंदोलनकारियों ने प्रशासन से समाधान की उम्मीद की थी, लेकिन अब वे आंदोलन के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई अधिकारी दोबारा केवल आश्वासन देने के लिए आंदोलन स्थल पर आता है, तो आंदोलनकारी उसका विरोध करेंगे। माले नेता ने बालमुकुंद फैक्ट्री से जुड़े परशुराम तिवारी के कथित बयान का हवाला देते हुए भी प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि मजदूरों को उनका रोजगार वापस मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।






