‘चंदा चोरी के बाद अब वोट चोरी पर उतरी मोदी सरकार’, फुरकान अंसारी का केंद्र पर हमला,
SIR को तत्काल रद्द कर पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी लगाए गंभीर आरोप
रिपोर्ट:उदय किशोर सिंह,
जामताड़ा। पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने शुक्रवार को केंद्र की भाजपा सरकार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “चंदा चोरी के बाद अब वोट चोरी पर उतर आई मोदी सरकार।”
फुरकान अंसारी ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आम लोगों के बीच आशंकाएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने SIR अभियान को तत्काल रद्द करने और पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग की। उनके अनुसार, मतदाता सूची में नाम हटने या जुड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी नागरिक के मताधिकार पर प्रतिकूल असर न पड़े।
पूर्व सांसद ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। फुरकान अंसारी ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग भी की।
उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के चुनावों और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर उठ रहे सवालों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को प्रभावित किया है। पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न चुनावी घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों को लेकर उठने वाले हर सवाल का पारदर्शी तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए।
फुरकान अंसारी ने भाजपा पर राज्यों में सत्ता विस्तार के लिए चुनावी प्रक्रिया का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर विपक्ष और आम मतदाताओं की चिंताओं को दूर करना सरकार और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।
पूर्व सांसद ने कहा कि देश की जनता में सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जनता जब एकजुट होती है तो बड़ी से बड़ी सत्ता को चुनौती दे सकती है।
उन्होंने कहा, “हमने अंग्रेजों को देश से भगा दिया था, फिर मोदी सरकार क्या चीज है।” फुरकान अंसारी ने यह भी कहा कि “पाप का घड़ा भर चुका है” और अब जनता लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करेगी।
पूर्व सांसद ने केंद्र सरकार से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने, मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने, SIR को लेकर उठ रही आशंकाओं का समाधान करने तथा चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।






