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बागजोरी के मोमिन टोला में डोर-टू-डोर विधिक जागरूकता अभियान, ग्रामीणों को अधिकारों और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी


उदय किशोर सिंह,

जामताड़ा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा की ओर से बुधवार को जामताड़ा प्रखंड के बागजोरी गांव स्थित मोमिन टोला में डोर-टू-डोर विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष एवं सचिव के निर्देशानुसार आयोजित इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता तथा विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था। अभियान के दौरान विधिक सेवा प्राधिकार की टीम आरिफा खातून ने घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया और उन्हें कई महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों एवं कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। ग्रामीणों को विशेष रूप से ‘सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भविष्य’, डायन प्रथा उन्मूलन, आशा योजना, जागृति योजना तथा बच्चों के संरक्षण से संबंधित पोक्सो अधिनियम के बारे में जागरूक किया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के यौन अपराध अथवा शोषण की स्थिति में कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। साथ ही बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। ग्रामीणों से अपील की गई कि यदि उनके आसपास बाल विवाह, बाल श्रम या बच्चों के साथ किसी प्रकार का शोषण हो रहा हो तो इसकी सूचना संबंधित विभाग अथवा सक्षम प्राधिकार को दें। अभियान के दौरान डायन प्रथा के खिलाफ भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया। टीम ने बताया कि डायन प्रथा अंधविश्वास पर आधारित सामाजिक कुरीति है और इसके नाम पर किसी महिला या व्यक्ति को प्रताड़ित करना कानूनन अपराध है। ग्रामीणों से अंधविश्वास से दूर रहने और किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लेने की अपील की गई।इसके अलावा ग्रामीणों को सड़क दुर्घटना से संबंधित दावा वाद, दिव्यांगजनों के अधिकार तथा सरकारी स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया के संबंध में भी लोगों को जागरूक करते हुए पात्र लोगों से आवेदन देने के लिए कहा गया। जरूरतमंद दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र उपलब्ध होने से सरकारी योजनाओं एवं विभिन्न सुविधाओं का लाभ लेने में सहायता मिलने की जानकारी दी गई। महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण से संबंधित कानूनी अधिकारों के बारे में बताया गया। घरेलू हिंसा की स्थिति में पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कानूनी सहायता और संरक्षण के उपायों की जानकारी देते हुए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। विधिक जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी बताया गया। आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को न्याय प्राप्त करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से मिलने वाली सहायता के बारे में जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि पात्र व्यक्ति कानूनी सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा ), झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा ) तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित विधिक सहायता एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। टीम ने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन, राशन कार्ड सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन करने के प्रति प्रेरित किया।डोर-टू-डोर अभियान के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं को भी सुना गया तथा उन्हें उचित कानूनी एवं प्रशासनिक माध्यम से समाधान कराने के लिए आवश्यक जानकारी दी गई। अभियान के दौरान ग्रामीणों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, कानून का पालन करने तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित विभाग या विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करने की अपील की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की इस पहल से बागजोरी के मोमिन टोला के ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। इस तरह के डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कानून एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों और सुविधाओं का लाभ मिल सके।