फर्जी बैंक अधिकारी बनकर और कैशबैक का झांसा देकर करते थे साइबर ठगी, चार गिरफ्तार।
उदय किशोर सिंह,
जामताड़ा।
साइबर अपराध के खिलाफ जामताड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
मामले का खुलासा रविवार को जामताड़ा साईबर थाना में साइबर अपराध के पुलिस उपाधीक्षक अमित रविदास ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान किया। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर उनके नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी राजेश मंडल, निरीक्षक विकास कुमार तिवारी एवं अवर निरीक्षक हीरालाल महतो सहित पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने नारायणपुर थाना क्षेत्र के बांका गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के बरामदे में छापेमारी कर साइबर अपराध करते एक आरोपी को गिरफ्तार किया। वहीं करमाटांड़ थाना क्षेत्र के शीतलपुर स्थित शीतलपुर मैदान में छापेमारी कर तीन अन्य साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हाशिम अंसारी (28), ग्राम तारासेठिया, थाना नारायणपुर; सैयद अंसारी (31), ग्राम रटनिया; कौसर अंसारी (26) और आफताब हुसैन (19), दोनों ग्राम ताराबहाल, थाना करमाटांड़, जिला जामताड़ा के रूप में हुई है।
इस संबंध में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 63/2026, दिनांक 3 अक्टूबर 2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम*
पुलिस उपाधीक्षक अमित रविदास ने बताया कि गिरफ्तार साइबर अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते थे और बैंक संबंधी जानकारी हासिल कर साइबर ठगी करते थे। इसके अलावा आरोपियों द्वारा लोगों के मोबाइल पर 999 रुपये कैशबैक मिलने का फर्जी संदेश भेजा जाता था। इसके बाद ग्राहक को कैशबैक स्वीकार करने के लिए कहा जाता था। जैसे ही ग्राहक संदेश में दिए गए विकल्प को स्वीकार करता था, आरोपी अपने फर्जी ऐप के माध्यम से उसके साथ ठगी कर लेते थे।
पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपियों का साइबर ठगी का नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों तक फैला हुआ है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की घटनाओं के संबंध में जानकारी जुटा रही है।






