386 परिवारों के अधूरे आशियानों में फिर जगेगी उम्मीद: आशा गुप्ता
1.70 करोड़ रुपये की बकाया किस्त का भुगतान जल्द, एक पखवाड़े में लाभुकों के खातों में पहुंचेगी राशि
उदय किशोर सिंह,
जामताड़ा। महीनों से अधूरे पड़े आशियाने को निहार रहे 386 परिवारों के लिए राहत की खबर है। जामताड़ा नगर पंचायत क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि के अभाव में छह माह से अधिक समय से ठप पड़े निर्माण कार्य अब जल्द दोबारा शुरू होंगे। नगर पंचायत ने लाभुकों की लंबित किस्त के करीब 1.70 करोड़ रुपये के भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर ली है। नगर पंचायत के अनुसार, एक पखवाड़े के भीतर राशि लाभुकों के बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
राशि के इंतजार में लाभुक पिछले कई महीनों से नगर पंचायत कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे। कई परिवारों ने पुराने कच्चे मकान तोड़कर पक्के घर का निर्माण शुरू किया था, जबकि कुछ परिवार निर्माण पूरा होने तक किराए के मकान में रहने को मजबूर थे। किस्त अटकने से निर्माण कार्य बीच में ही रुक गया था।
नगर पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार, 84 लाभुकों को दूसरी किस्त के रूप में 75-75 हजार रुपये, 68 लाभुकों को तीसरी किस्त के रूप में 90-90 हजार रुपये तथा 234 लाभुकों को चौथी किस्त के रूप में 22,500-22,500 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
नगर पंचायत अध्यक्ष आशा गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक लंबे समय से बकाया किस्त के भुगतान की मांग कर रहे थे। नगर पंचायत के पदाधिकारियों और वार्ड पार्षदों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य मुख्यालय से संपर्क किया। इसके बाद राशि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की दिशा में कार्रवाई हुई और अब भुगतान का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि लाभुकों को भुगतान के लिए बार-बार नगर पंचायत कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
राशि के अभाव में छह माह से बंद था निर्माण
कई लाभुकों ने बताया कि आवास की स्वीकृति मिलने के बाद उन्होंने पुराने कच्चे मकान को तोड़कर पक्के घर का निर्माण शुरू किया था। निर्माण के दौरान कई परिवार किराए के मकान में रहने लगे। लेकिन किस्त नहीं मिलने के कारण अधूरी दीवारों के बीच निर्माण कार्य रुक गया। लंबे समय से आर्थिक परेशानी झेल रहे परिवार अब बकाया राशि मिलने के बाद जल्द अपना घर पूरा होने की उम्मीद कर रहे हैं।
386 परिवारों के लिए किस्त नहीं, घर लौटने की उम्मीद
समाजसेवी तरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि छह माह से अधिक समय तक आवास निर्माण बंद रहने से 386 परिवारों के सामने परेशानी खड़ी हो गई थी। भुगतान की प्रक्रिया पूरी होना लाभुकों के लिए बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि यह राशि केवल सरकारी किस्त नहीं, बल्कि परिवारों के सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन से जुड़ी उम्मीद है।
लंबे इंतजार के बाद अब इन 386 परिवारों के अधूरे घरों में फिर से निर्माण शुरू होने की उम्मीद जगी है। अधूरी दीवारों और छत का इंतजार कर रहे परिवारों को अब अपने पक्के आशियाने में लौटने का इंतजार है।






