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पांडेयडीह में धूमधाम से मनाया गया कर्मा पर्व, मांदर की थाप पर जमकर थिरके ग्रामीण


भाई-बहन के प्रेम, प्रकृति संरक्षण और सुख-समृद्धि की कामना के साथ हुई करम डाली की पूजा-अर्चना
उदय किशोर सिंह 
जामताड़ा, 22 सितंबर। जिले के पांडेयडीह गांव में मंगलवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम, प्रकृति के प्रति आस्था और सुख-समृद्धि के प्रतीक कर्मा पर्व को धूमधाम से मनाया गया। पर्व को लेकर सुबह से ही गांव में उत्साह का माहौल रहा। महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार करम वृक्ष की डाली स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान परिवार और समाज की खुशहाली तथा अच्छी फसल की कामना की गई।
शाम होते ही पांडेयडीह गांव का माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया। ढोल और मांदर की थाप से पूरा गांव गूंज उठा। पारंपरिक कर्मा गीतों और नृत्य के बीच महिलाओं एवं युवतियों ने देर रात तक सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखा। गांव के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी उत्साह के साथ आयोजन में शामिल हुए।
ग्रामीणों ने बताया कि कर्मा पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान, भाई-बहन के प्रेम और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण लोकपर्व है। कृषि प्रधान समाज में इस पर्व का विशेष महत्व है। करम देवता की पूजा कर लोग अच्छी बारिश, बेहतर फसल और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
आयोजन में करमतीन रानी दास, गुनगुन दास, दिव्या दास, आशा दास, अमृता, नीतू, सुषमा, किरण, माया, रचना, मौसमी, खुशबू, सोनम, सिवानी, नैना, ऋतु, पुरम, आली, नंदनी, रेणु देवी, मानकू देवी, अमला देवी, मीरा देवी, गीता देवी और सोभा देवी सहित सैकड़ों करमतीनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। पूरे गांव में दिनभर उत्सव का माहौल बना रहा और लोगों ने एक-दूसरे को कर्मा पर्व की शुभकामनाएं दीं।