पलामू में अंचल और प्रखंड कार्यालय बने भ्रष्टाचार के अड्डे, समय पर नहीं मिलते CO व BDO: बिट्टू पाठक
अधिकारियों का रवैया नहीं सुधरा और जनता को परेशान करना बंद नहीं हुआ तो होगा जोरदार घेराव: कांग्रेस प्रदेश सचिव
मेदिनीनगर। पलामू जिले के विभिन्न अंचल और प्रखंड कार्यालयों की बदहाल कार्यप्रणाली और कथित भ्रष्टाचार को लेकर जनप्रतिनिधियों और आम जनता का आक्रोश चरम पर है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य सचिव व पूर्व जिलाध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक ने अंचल व प्रखंड प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये कार्यालय अब केवल बिचौलियों और भ्रष्टाचार के अड्डे बनकर रह गए हैं।
बिट्टू पाठक ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाली गरीब और जरूरतमंद जनता रोजाना परेशान हो रही है। अधिकारियों की मनमानी का सबसे बुरा असर आम लोगों पर पड़ रहा है।
सामान्य प्रमाण पत्रों और म्यूटेशन के लिए मांगे जा रहे रिश्वत
बिट्टू पाठक ने आरोप लगाया कि जाति, आवासीय प्रमाण पत्र बनाने और ज़मीन के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) जैसे routine कार्यों के लिए भी लोगों से अवैध उगाही की जा रही है। बिना लेन-देन के कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा:
अधिकारियों की अनुपलब्धता: अंचल अधिकारी (CO) और प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) अपने कार्यालयों में समय पर उपलब्ध नहीं रहते, जिससे लोग दिनभर इंतजार कर खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।
बिचौलियों का बोलबाला: प्रशासनिक निगरानी के अभाव में दलालों और बिचौलियों का नेटवर्क हावी हो चुका है। सीधे आने वाले आवेदकों को अनावश्यक चक्कर कटवाए जाते हैं।
योजनाओं पर असर: म्यूटेशन और आवश्यक कागजातों में हो रही देरी के कारण पात्र लाभार्थी सरकारी कल्याणकारी और आवास योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
सुधार न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी की जाए, प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो और दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, "अधिकारी आम जनता को परेशान करना तुरंत बंद करें और समय सीमा के भीतर जन समस्याओं का निपटारा करें, अन्यथा कांग्रेस पार्टी जनता के हक के लिए कार्यालयों का जोरदार घेराव करेगी।"
प्रेस वार्ता में ये लोग थे मौजूद:
इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी शमीम अहमद राईन, ईश्वरी प्रसाद सिंह, शैलेश चंद्रवंशी, शंकर पांडे, अजय साहू, सच्चिदानंद मिश्रा, देवांग शुक्ला, सौरव पाण्डेय, खुर्शीद आलम, जितेंद्र पांडे, पारस पासवान, विभूति नारायण पाठक, मुख्तार आलम, सुरेंद्र सिंह, कपिल उरांव, रितेश पांडे, गुड्डू चंद्रवंशी, उमेश यादव, सत्येंद्र कुमार, मनीष शर्मा, अनिल उरांव, पीयूष गुप्ता सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।






