झारखंड के पलामू जिले में करमा पूजा की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब करम डाली के विसर्जन के दौरान नदी और जलाशय में डूबने की अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। चैनपुर थाना क्षेत्र के बोकेया-पतरिया इलाके में करमा पूजा की सामग्री और करम डाली के विसर्जन के दौरान कई लोग कोयल नदी के पानी में डूब गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक पांच लोग डूबे, जिनमें चार की मौत की पुष्टि हुई, जबकि एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना सामने आई। लापता व्यक्ति की तलाश के लिए स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से अभियान चलाया गया। बताया गया कि हादसा उस समय हुआ जब करमा पूजा के बाद विसर्जन की रस्म पूरी करने के लिए लोग पानी में गए थे। इसी दौरान एक बच्चा गहरे पानी की तरफ चला गया। उसे बचाने के प्रयास में कुछ अन्य लोग भी पानी में उतर गए और तेज बहाव तथा गहराई की चपेट में आ गए। हादसे में जान गंवाने वालों में नाबालिग भी शामिल बताए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार मृतकों में 8 साल के हेमंत कुमार सिंह, 12 साल के राजा सिंह, 16 साल के विशाल पासवान, 18 साल के नीतीश कुमार सिंह और 22 साल के अमित कुमार ठाकुर के नाम सामने आए हैं। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में घटना के विवरण में कुछ अंतर है, इसलिए आधिकारिक पहचान और अंतिम आंकड़े प्रशासनिक पुष्टि के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट माने जाने चाहिए। इसी दौरान पलामू के पाटन थाना क्षेत्र के नन्ही झरिया गांव के पास जिनजोई नदी में भी करम डाल विसर्जन के दौरान तीन बालिकाएं गहरे पानी में चली गईं। ग्रामीणों की मदद से दो बालिकाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 15 वर्षीय रिंकी कुमारी की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इन घटनाओं के बाद प्रभावित गांवों में शोक का माहौल है। जिन परिवारों ने त्योहार के मौके पर पूजा और उत्सव की तैयारी की थी, वहां अचानक मातम छा गया। स्थानीय लोग भी हादसे को लेकर बेहद दुखी हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थलों पर पहुंचकर राहत एवं बचाव की कार्रवाई की। कोयल नदी में लापता व्यक्ति की तलाश के लिए भी अभियान चलाया गया। नदी में पानी की गहराई और बहाव को देखते हुए बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बताया गया है। करमा पूजा और विसर्जन के दौरान सावधानी क्यों जरूरी है? करमा पर्व के समापन पर करम डाली के विसर्जन की परंपरा निभाई जाती है। इस दौरान नदी, तालाब या अन्य जलस्रोतों के पास बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। ऐसे में गहरे पानी, तेज बहाव और फिसलन वाले किनारों को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है। विशेष रूप से बच्चों और कम उम्र के लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकना, सुरक्षित स्थान से विसर्जन करना और प्रशासन की ओर से लगाए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है। पलामू की इन घटनाओं ने एक बार फिर त्योहारों के दौरान जलस्रोतों के पास सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई जारी है और लापता व्यक्ति की तलाश तथा घटना से जुड़े अन्य विवरणों पर नजर बनी हुई है। करमा पूजा के उत्सव के बीच हुई इन दर्दनाक घटनाओं ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पलामू में करम डाली विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा, कई लोगों की मौत और एक लापता






