मां, मातृभाषा और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर : डॉ. विजय कुमार
उदय किशोर सिंह,
जामताड़ा। सावित्री देवी डीएवी पब्लिक स्कूल, जामताड़ा में शनिवार को हिंदी दिवस पूरे उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाया गया। लाला लाजपतराय बहुद्देशीय सभागार में आयोजित समारोह का उद्घाटन प्राचार्य डॉ. विजय कुमार, हिंदी विभागाध्यक्ष भोला नाथ सिंह एवं कमलेश प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
स्वागत भाषण में भोला नाथ सिंह ने हिंदी की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी आज राजभाषा के रूप में स्थापित होने के साथ बड़े पैमाने पर संपर्क और उद्योग की भाषा भी है, बावजूद इसके इसे अपेक्षित सम्मान नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने के लिए प्रत्येक भारतीय को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
प्राचार्य डॉ. विजय कुमार ने कहा कि मां, मातृभाषा और मातृभूमि का स्थान सर्वोपरि है। हमें अनेक भाषाओं का ज्ञान अवश्य अर्जित करना चाहिए, लेकिन अपनी मातृभाषा की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदी ज्ञान और अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है तथा आज का बाजार भी काफी हद तक हिंदी पर निर्भर है। स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, लेकिन आजादी के बाद इसके प्रति अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई।
उन्होंने कहा कि केवल हिंदी दिवस मनाना ही हमारा दायित्व नहीं, बल्कि हिंदी के सम्मान और प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करना आवश्यक है। हिंदी साहित्य का विशाल भंडार हमारी नैतिक चेतना को जागृत करता है और अब तकनीकी विषयों पर भी हिंदी में पुस्तकें प्रकाशित हो रही हैं।
समारोह के अंत में मनोज कुमार पाण्डेय एवं सुमन जा ने शांतिपाठ कराया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।







