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जनसमस्याओं को लेकर सीपीआईएम का धरना, सरकार पर अनदेखी का आरोप


विस्थापन, जमीन अधिग्रहण, स्वास्थ्य, सड़क, किसानों की समस्या व मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया।
उदय किशोर सिंह,
जामताड़ा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को सीपीआईएम जिला कमेटी की ओर से विभिन्न राज्यस्तरीय एवं स्थानीय मांगों को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना दिया गया। सुबह 11 बजे शुरू हुए धरने की अध्यक्षता जिला कमेटी के सचिव सुजीत कुमार माजी ने की। इस दौरान पार्टी नेताओं ने झारखंड सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए जनसमस्याओं के समाधान की मांग की।
सभा को किसान नेता सचिन राणा, सुकुमार बाउरी, मजदूर नेता लखनलाल मंडल, चंडीदास पुरी, राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरजीत सिन्हा एवं मजदूर नेता सुजीत कुमार भट्टाचार्य ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार से लोगों को काफी अपेक्षाएं थीं, लेकिन विस्थापन, जमीन अधिग्रहण, लैंड बैंक, हाथी के हमले में मृत लोगों को मुआवजा, प्रमाण पत्र बनाने में परेशानी जैसी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।
नेताओं ने ग्रामीण सड़कों की बदहाली, किसानों को फसल बेचने के लिए लैंप्स की व्यवस्था, फसल बीमा की राशि नहीं मिलने तथा खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। अजय बराज से बनी नहरों में पानी नहीं पहुंचने पर भी नाराजगी जताई गई। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद किसानों को नहरों का समुचित लाभ नहीं मिल रहा है।
इसके अलावा सदर अस्पताल में डॉक्टर एवं दवाओं की कमी, नगर क्षेत्र में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप, शहर में जाम की समस्या तथा सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई। मतदाता सूची में सही मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए नेताओं ने निष्पक्ष तरीके से सूची सुधारने की मांग की।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि जनसमस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना समाप्त होने के बाद उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई। मौके पर संजय मेहता, गौर सोरेन, अशोक भंडारी, प्रेम, राजवीर सोरेन, अनूप सरखेल, बुधु मरांडी, चंडी बावरी, राजू डोम, घनश्याम गोराई, मालती, रसिक, नंद बावरी, दुबराज भंडारी समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।