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JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा मामले में CID की बड़ी कार्रवाई, दो और गिरफ्तार


रांची: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने 14-15 सितंबर 2026 को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक मामला JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है, जबकि दूसरा JSSC-CGL 2023 परीक्षा में कथित अनियमितता से संबंधित है। दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

JPSC मामले में कोचिंग संचालक गिरफ्तार

CID के अनुसार, रांची के शिवांगन कोचिंग के संचालक संजीत कुमार को JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया गया है। संजीत कुमार रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।

जांच एजेंसी का आरोप है कि वह अभ्यर्थियों से संपर्क कर उन्हें परीक्षा में सफल कराने के नाम पर कथित तौर पर पैसे लेता था और एक एजेंट के रूप में काम कर रहा था। जांच में उसका संपर्क परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी के कुछ लोगों से होने की बात भी सामने आई है।

CID अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संजीत कुमार ने कितने अभ्यर्थियों से संपर्क किया, कितनी रकम ली गई और कथित तौर पर उस रकम का इस्तेमाल या वितरण किस तरह किया गया। ये सभी बिंदु जांच का हिस्सा हैं।

JSSC-CGL मामले में दिलीप कुमार पासवान की गिरफ्तारी

दूसरी गिरफ्तारी दिलीप कुमार पासवान, उम्र करीब 41 वर्ष, की हुई है। वह मूल रूप से बिहार के जमुई जिले का रहने वाला बताया गया है और वर्तमान में पश्चिम बंगाल में रह रहा था।

CID के मुताबिक, दिलीप पासवान पर JSSC संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा-2023 से जुड़े कथित पेपर लीक और अनुचित लाभ पहुंचाने के मामले में भूमिका होने का आरोप है। जांच में आरोप लगाया गया है कि उसने आसनसोल में करीब चार-पांच अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर याद कराने में मदद की थी और इसके बदले उनसे पैसे लिए थे।

जांच एजेंसी ने कथित वित्तीय लेन-देन समेत अन्य साक्ष्य मिलने के बाद उसे पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी की गई। अब CID उससे कथित तौर पर ली गई रकम और परीक्षा से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

JSSC-CGL मामले में गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ी

दिलीप कुमार पासवान की गिरफ्तारी के साथ JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में CID द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 13 बताई गई है। एजेंसी इस मामले में कथित नेटवर्क, बिचौलियों और अभ्यर्थियों तक पहुंचने वाले संपर्कों की जांच कर रही है।

पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां

JPSC और JSSC-CGL मामलों में पिछले कुछ महीनों से CID लगातार कार्रवाई कर रही है। इससे पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच का दायरा परीक्षा संचालन, कथित पेपर लीक, OMR से जुड़ी अनियमितताओं और अभ्यर्थियों को कथित अनुचित लाभ पहुंचाने जैसे आरोपों तक फैला हुआ है।

भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद

इन मामलों के बीच झारखंड में अभ्यर्थियों ने 25 जुलाई 2026 से आंदोलन शुरू किया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित अनियमितताओं की जांच और संबंधित भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने 18 अगस्त को JSSC-CGL 2023 समेत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी। हालांकि, सफल अभ्यर्थियों की याचिकाओं के बाद इस फैसले को लेकर मामला झारखंड हाईकोर्ट पहुंच गया।

झारखंड हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर 2026 को निर्धारित है।

क्या होगी आगे की कार्रवाई?

CID अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए कथित परीक्षा नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। खास तौर पर यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि अभ्यर्थियों से कथित तौर पर कितनी रकम ली गई, पैसा किन लोगों तक पहुंचा और परीक्षा प्रक्रिया में किन स्तरों पर कथित मदद उपलब्ध कराई गई।

ध्यान देने योग्य बात: ये आरोप जांच एजेंसी के दावों पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।