बेड़ो में जनजातीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन,जनजातीय समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो : डॉ. आशा लकड़ा
संवाददाता विकास कुमार
बेड़ो: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने सोमवार को बेड़ो प्रखंड कार्यालय में आयोजित जनजातीय संवाद कार्यक्रम में जनजातीय समाज की समस्याओं को सुना। उन्होंने जनजातीय समाज, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर विभिन्न समस्याओं और अधिकारों से जुड़े मामलों की जानकारी ली। डॉ. लकड़ा ने कहा कि जनजातीय समस्याओं को केवल सुनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका समयबद्ध और विधिसम्मत समाधान जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। संवाद के दौरान जनजातीय भूमि हस्तांतरण, भूमि विवाद और सीएनटी एक्ट से जुड़े मामले प्रमुखता से उठे। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया और कानून के पूर्ण अनुपालन पर जोर दिया। ग्रामीणों ने सड़क, शिक्षा, शिक्षकों की कमी, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी रखीं। जनजातीय प्रतिनिधियों ने सरना-मसना स्थलों के निर्माण और संरक्षण का मुद्दा भी उठाया। डॉ. लकड़ा ने कहा कि संस्कृति और परंपरा से जुड़े विषयों को गंभीरता से लेते हुए समाधान किया जाएगा और समस्याओं को संबंधित विभागों के समक्ष रखा जाएगा।कार्यक्रम के बाद डॉ. लकड़ा ने जेसोवा पब्लिक लाइब्रेरी का दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में लाइब्रेरी की पहल की सराहना की। मौके पर प्रखंड प्रमुख विनीता कच्छप, अंचल अधिकारी राजकुंवर सिंह, थाना प्रभारी कफील अहमद, मुखिया शुसांति भगत, लक्ष्मी खोया और जतरू उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।






