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रांची में कार्यशाला आयोजित, आदिवासी क्षेत्रों में जलवायु-सहिष्णु आजीविका पर जोर


प्रधान मुख्य वन संरक्षक, झारखंड, रांची के कांफ्रेंस हॉल में आज  एक कार्यशाला आयोजित की गई । इस कार्यशाला में कृषि विभाग ,ग्रामीण विकास विभाग ,अनुसूचित जनजाति जाति विभाग, कल्याण विभाग, महिला बाल विकास विभाग आदि के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 
       इस बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक झारखंड श्री संजीव कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री रवि रंजन प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री विश्वनाथ शाह, एपीसीसीएफ श्री जब्बर सिंह, एपीसीसीएफ वेंकटेश्वर लू संरक्षक प्रशासन पी आर नायडू वन प्रमंडल पदाधिकारी निदेशक एवं प्रशासन श्री अंजिक्य बनकर , वन प्रमंडल पदाधिकारी गुमला बेलाल अहमद, वन प्रमंडल पदाधिकारी चाइबास आदित्य नारायण तथा कार्यशाला में उपस्थित विभागों के प्रतिनिधियों के मध्य इस विषय पर विचार विमर्श किया गया।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), भारत सरकार वर्तमान में भारत की राष्ट्रीय अनुकूलन योजना (NAP) के कार्यान्वयन को समर्थन देने हेतु एडाप्टेशन फंड में प्रस्तुत करने के लिए एक परियोजना प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में जलवायु-सहिष्णु आजीविका और पारिस्थितिकी-आधारित अनुकूलन को मजबूत करना है।
प्रस्तावित कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय विकास योजनाओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में जलवायु जोखिमों को शामिल करने के लिए संस्थागत दृष्टिकोण विकसित करना है। प्रस्ताव निर्माण प्रक्रिया के तहत, राज्य स्तर पर हितधारकों के साथ परामर्श किया जाएगा ताकि राज्य की प्राथमिकताओं, चल रही पहलों और क्षेत्रीय कार्यक्रमों के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।
इस संदर्भ में, यूएनडीपी (UNDP) भारत, एक बहुपक्षीय कार्यान्वयन इकाई (MIE) के रूप में, इस प्रस्ताव के निर्माण में सहयोग कर रहा है ।