झारखंड के सिमडेगा जिले में रूबेला संक्रमण के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और टीकाकरण अभियान को तेज कर दिया है। ठेठईटांगर प्रखंड के अलग-अलग गांवों में बच्चों में संक्रमण की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य टीमें सक्रिय हैं और प्रभावित क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कुड़पानी मुंडाटोली गांव की 10 वर्षीय बच्ची में रूबेला संक्रमण की पुष्टि रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की जांच के बाद हुई थी। इसके बाद इसी प्रखंड के ताराबोगा पंचायत के नदीपार गांव में भी एक बच्ची में संक्रमण की पुष्टि की जानकारी सामने आई। यानी 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग स्थानों से मामले सामने आने के बाद स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को और सक्रिय किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में जाकर बच्चों की जांच कर रही हैं। संदिग्ध लक्षण वाले बच्चों की पहचान के साथ उनके नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को नए मामलों की जानकारी जुटाने और गांवों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुंडाटोली इलाके में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक वहां पात्र बच्चों को MR यानी मीजल्स-रूबेला वैक्सीन देने का काम तेज किया गया है। तीन गांवों में कुल 112 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था। इनमें मुंडाटोली के 44 बच्चे शामिल हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार वहां 28 बच्चों को टीका लगाया जा चुका था और अभियान को तेजी देने के लिए चार टीमें बनाई गईं। स्वास्थ्य सहिया और अन्य स्वास्थ्यकर्मी गांवों में घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं। बच्चों में बुखार, शरीर पर लाल या गुलाबी चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी जा रही है। साथ ही जिन बच्चों का निर्धारित MR टीकाकरण पूरा नहीं हुआ है, उनकी पहचान कर उन्हें वैक्सीन देने पर जोर दिया जा रहा है। रूबेला एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जिसे आम तौर पर जर्मन खसरा भी कहा जाता है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकती है। बच्चों में इसके दौरान हल्का बुखार, शरीर पर दाने और आंखों में लालिमा जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। रूबेला को लेकर सबसे ज्यादा सावधानी गर्भवती महिलाओं के मामले में जरूरी मानी जाती है, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान संक्रमण होने पर गर्भस्थ शिशु पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय स्वास्थ्यकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। बच्चों का टीकाकरण समय पर कराना और किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में चिकित्सकीय जांच कराना महत्वपूर्ण है। फिलहाल सिमडेगा में स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, जांच, जागरूकता और टीकाकरण का काम कर रही हैं। प्रशासन का उद्देश्य संक्रमण की श्रृंखला को आगे बढ़ने से रोकना और पात्र बच्चों का टीकाकरण पूरा करना है। यानी सिमडेगा में रूबेला के मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। प्रभावित गांवों में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं और बच्चों की जांच के साथ MR वैक्सीनेशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। झारखंड की ऐसी ही ताजा और महत्वपूर्ण खबरों के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें।प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमों की निगरानी
घर-घर जाकर जागरूकता
क्या है रूबेला?
स्वास्थ्य विभाग की अपील
सिमडेगा में रूबेला को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क, प्रभावित इलाकों में तेज हुआ MR टीकाकरण






