झारखंड कुम्हार समाज को एकजुट करने का लिया गया संकल्प
पलामू : झारखंड राज्य स्तरीय कुम्हार समाज की महत्वपूर्ण बैठक रांची के रातू रोड स्थित पहाड़ी मंदिर के सामने चंद्रवंशी भवन में आयोजित की गई। बैठक में राज्यभर से कुम्हार समाज को एकजुट करने, सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने और समाज के अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाने पर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न नामों से संचालित कुम्हार समाज के संगठनों को एक मंच पर लाकर “झारखंड कुम्हार समन्वय समिति” के बैनर तले संगठित किया जाएगा। समाज अपनी मांगों को एक झंडे, एक बैनर और एक लेटरहेड के माध्यम से सरकार के समक्ष मजबूती से रखेगा।
बैठक में आरक्षण, समाज के हक-अधिकार तथा कुम्हार समाज को मिलने वाली सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ झारखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले कुम्हार परिवारों तक पहुंचाने की मांग को प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास के साथ-साथ राजनीतिक भागीदारी भी समाज की प्रगति के लिए आवश्यक है। राजनीतिक शक्ति के माध्यम से ही समाज अपने अधिकारों और विकास से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंचा सकता है। इसलिए समाज के छात्र, नौजवान, महिलाएं एवं सभी वर्ग के लोगों को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा।
बैठक में सर्वसम्मति से पूर्व झारखंड माटी कला बोर्ड के सदस्य अविनाश देव जी को नवगठित झारखंड कुम्हार समन्वय समिति का झारखंड प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। उपस्थित समाज के लोगों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में कुम्हार समाज को राज्य स्तर पर एक मजबूत और प्रभावी मंच मिलेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राजधानी रांची में झारखंड कुम्हार समन्वय समिति का राज्य कार्यालय स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जमीन की व्यवस्था कर समाज का अपना भवन बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इस भवन में राज्य के दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं, नौजवानों एवं जरूरतमंद समाज के लोगों के ठहरने की व्यवस्था करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि शिक्षा, रोजगार अथवा अन्य कार्यों से रांची आने वाले समाज के लोगों को सुविधा मिल सके।
नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष अविनाश देव जी ने समाज के लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि कुम्हार समाज के हक-अधिकार, सम्मान और विकास के लिए वे सदैव मजबूती से खड़े रहेंगे। समाज की जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा और राज्य के कोने-कोने में बसे कुम्हार परिवारों को संगठन से जोड़कर एक मजबूत सामाजिक शक्ति तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग पहचान और छोटे-छोटे संगठन नहीं, बल्कि एकजुट समाज ही अपने अधिकारों की मजबूत आवाज बन सकता है। झारखंड के कुम्हार समाज को एक मंच पर लाकर सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाना ही समिति का प्रमुख उद्देश्य होगा।
“एक समाज, एक मंच, एक आवाज—कुम्हार समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष।”


