जारी संदेश में कहा गया है कि आज जब पर्यावरण असंतुलन के कारण मानवता के सामने विभिन्न चुनौतियां खड़ी हो रही हैं, ऐसे समय में करम जैसे प्राकृतिक पर्वों की महत्ता और भी बढ़ जाती है। यह पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान और मनुष्य एवं पर्यावरण के बीच संतुलन की भावना को दर्शाता है।
संदेश में कहा गया है कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति को परमेश्वर का प्रतिबिंब मानकर उसकी पूजा-अर्चना की। उनके जीवन-दर्शन में पेड़-पौधों और नदियों के प्रति गहरी आस्था एवं सम्मान शामिल रहा है। प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर जीवन जीने की यह परंपरा आज भी करम पर्व के माध्यम से दिखाई देती है।
करम पर्व के अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की ओर से झारखंडवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं जोहार प्रेषित किया गया है। संदेश में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को मजबूत करने का आह्वान किया गया है।