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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा की, कहा— राज्य को माइनिंग से माइंड की ओर ले जाना है


मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और चालू वर्ष की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि झारखंड को “माइनिंग से माइंड” की दिशा में आगे बढ़ाना है, जिसमें उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया।

बैठक में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में पीपीपी मोड पर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) सेंटर स्थापित करने पर सैद्धांतिक सहमति दी गई। साथ ही, छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा से जोड़ने के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लाइव क्लासेस शुरू करने की योजना पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने ‘गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना’ के तहत अधिक से अधिक पात्र छात्रों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। अब तक 2888 छात्रों को इस योजना के लिए स्वीकृति मिली है, जिनमें से 243 छात्रों को लगभग 64 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।

उन्होंने स्कॉलरशिप योजनाओं— मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति, मानकी मुंडा छात्रवृत्ति सहित अन्य योजनाओं का लाभ तेजी से छात्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 15 दिनों के भीतर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग और कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को पूरी तरह सक्रिय किया जाए।

बैठक में बीआईटी सिंदरी को Unitary University के रूप में अपग्रेड करने पर सहमति बनी। साथ ही राज्य के 9 जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर विकसित करने की योजना भी प्रस्तुत की गई।

उन्होंने व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पॉलिटेक्निक एवं तकनीकी संस्थानों में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग जैसे कोर्स शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।