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लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से समझौता बर्दाश्त नहीं : शिल्पी नेहा तिर्की


राहुल गांधी के आह्वान पर दिल्ली पहुँचे झारखंड कांग्रेस के नेता, मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी और SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर कूच

रांची / दिल्ली , 12 अक्टूबर : झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री एवं कांग्रेस नेत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी के आह्वान पर झारखंड कांग्रेस के नेता आज दिल्ली पहुँचे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को रद्द करने तथा उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस एवं INDIA गठबंधन के नेताओं ने नई दिल्ली से सुप्रीम कोर्ट की ओर कूच किया।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक एवं चुनावी प्रक्रियाओं के संचालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। SIR प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल केवल किसी राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका सीधा संबंध देश के लोकतंत्र, नागरिकों के मताधिकार और चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता से है। लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक संवैधानिक संस्था निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करे।
उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह किसी भी राजनीतिक दबाव या पक्षपात से मुक्त रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें। यदि चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, तो उनका निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी पदाधिकारी की जवाबदेही से ऊपर कोई नहीं हो सकता।
मंत्री ने कहा कि आज दिल्ली में कांग्रेस, INDIA गठबंधन के घटक दलों और बड़ी संख्या में लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्ध नागरिकों की मौजूदगी इस बात को रेखांकित करती है कि देश की जनता चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर सजग है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि जनता के मताधिकार की रक्षा हो और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता हर परिस्थिति में कायम रहे।
उन्होंने भाजपा पर मुख्य चुनाव आयुक्त को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा को किसी व्यक्ति विशेष का बचाव करने के बजाय चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संवैधानिक गरिमा सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए। चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता किसी भी राजनीतिक हित से ऊपर होनी चाहिए।
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यों को लेकर गंभीर आपत्तियाँ सामने आई हैं, तो उनका जवाब तथ्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप दिया जाना चाहिए। नैतिक जिम्मेदारी का तकाजा है कि संबंधित पदाधिकारी अपनी भूमिका की समीक्षा करें और उठे सवालों पर जवाबदेही सुनिश्चित करें। कांग्रेस की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने, SIR प्रक्रिया को रद्द करने तथा उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग पर उचित कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का विश्वास, उसके मताधिकार की सुरक्षा और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता में निहित है। इन मूल्यों की रक्षा के लिए कांग्रेस अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। देश के लोकतांत्रिक ढाँचे, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।