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डीपीएस रांची में इंटर डीपीएस क्विज़ प्रतियोगिता (ज़ोन–IV) का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित


दिल्ली पब्लिक स्कूल, रांची ने द दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसायटी, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित इंटर डीपीएस क्विज़ प्रतियोगिता (ज़ोन–IV) के उद्घाटन समारोह की मेजबानी गुरुवार, 06 अगस्त 2026 को अत्यंत गरिमापूर्ण वातावरण में की। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए दिल्ली पब्लिक स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को एक मंच पर एकत्रित करने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता ने ज्ञान-विनिमय, बौद्धिक सहभागिता, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा तथा आपसी सौहार्द को प्रोत्साहित करने का सशक्त अवसर प्रदान किया। यह आयोजन विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास एवं उत्कृष्टता की भावना को विकसित करने के प्रति दिल्ली पब्लिक स्कूल परिवार की सतत प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण सिद्ध हुआ।

उद्घाटन समारोह की शोभा द दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसायटी, नई दिल्ली की डायरेक्टर मिस. डॉली चन्ना ने मुख्य अतिथि के रूप में बढ़ाई। इस अवसर पर सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड, रांची के जीवन विज्ञान विभाग में इंटीग्रेटिव प्लांट बायोलॉजी के प्रोफेसर प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह को और भी गरिमामय बनाने के लिए प्रतियोगिता के क्विज़ मास्टर एवं क्विज़क्राफ्ट ग्लोबल नॉलेज सॉल्यूशंस के को- फाउंडर श्री आदित्य नाथ मुबायी तथा क्विज़क्राफ्ट ग्लोबल नॉलेज सॉल्यूशंस के मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट एवं हेड ऑफ प्रोडक्शन श्री कामरान अकरम अंसारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस प्रतिष्ठित आयोजन में 23 दिल्ली पब्लिक स्कूलों से 90 विद्यार्थियों एवं 36 एस्कॉर्ट शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, जिससे डीपीएस रांची का परिसर ज्ञान, प्रतिभा और बौद्धिक जिज्ञासा के अद्भुत संगम का साक्षी बना। प्रतिभागी विद्यालयों में डीपीएस बाल्को, डीपीएस भिलाई (रिसाली), डीपीएस चास बोकारो, डीपीएस दामनजोड़ी (कोरापुट), डीपीएस धनबाद, डीपीएस दीमापुर, डीपीएस दुर्गापुर, डीपीएस द्वारका, डीपीएस गया, डीपीएस जोका (साउथ कोलकाता), डीपीएस कलिंगा, डीपीएस खानापाड़ा, डीपीएस नॉलेज पार्क-V (ग्रेटर नोएडा वेस्ट), डीपीएस मेगासिटी कोलकाता, डीपीएस न्यूटाउन कोलकाता, डीपीएस एनटीपीसी फरक्का, डीपीएस पारादीप, डीपीएस पटना, डीपीएस पटना ईस्ट, डीपीएस रांची, डीपीएस राउरकेला, डीपीएस रूबी पार्क कोलकाता तथा डीपीएस सिलीगुड़ी सम्मिलित रहे। विभिन्न राज्यों से आए इन विद्यालयों की सहभागिता ने प्रतियोगिता को विविधता से परिपूर्ण बनाया तथा डीपीएस परिवार की एकता, मैत्री एवं सहयोगात्मक शिक्षण की भावना को सुदृढ़ किया।

समारोह का शुभारम्भ विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मधुर स्वागत गीत से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आत्मीयता और गरिमा से भर दिया। इसके पश्चात विद्यालय की माननीय प्राचार्या डॉ. जया चौहान ने सभी विशिष्ट अतिथियों का औपचारिक स्वागत करते हुए उन्हें सैपलिंग, शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। तत्पश्चात सभी अतिथियों ने पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने स्वागत भाषण में माननीय प्राचार्या डॉ. जया चौहान ने मुख्य अतिथि सुश्री डॉली चन्ना, विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार, क्विज़ मास्टर श्री आदित्य नाथ मुबायी, श्री कामरान अकरम अंसारी, सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, एस्कॉर्ट एवं मेंटर शिक्षकों तथा उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि डीपीएस रांची के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि उसे ज़ोन–IV के विभिन्न दिल्ली पब्लिक स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का स्वागत करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस आयोजन को केवल ज्ञान की प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जिज्ञासा, मित्रता, आत्मविश्वास और उत्कृष्टता की सामूहिक यात्रा का उत्सव बताया। डॉ. चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि क्विज़ प्रतियोगिताएँ समग्र शिक्षा का एक महत्वपूर्ण अंग हैं, क्योंकि वे विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों की सीमाओं से आगे बढ़कर विज्ञान, इतिहास, साहित्य, संस्कृति, समसामयिक घटनाओं तथा विश्व की विविध जानकारियों से परिचित होने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, विश्लेषणात्मक क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की योग्यता तथा आत्मविश्वास का विकास करते हैं, जो उन्हें निरंतर बदलती ज्ञान-आधारित दुनिया में सफल बनने के लिए तैयार करते हैं।

उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं उनके मार्गदर्शक शिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अपने विद्यालय का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त करना ही प्रत्येक छात्र की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे प्रतियोगिता में केवल विजय प्राप्त करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि सीखने, नए विचारों को जानने तथा विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ स्थायी मित्रता स्थापित करने की भावना से भाग लें। उन्होंने कहा कि ट्रॉफियाँ और पुरस्कार समय के साथ स्मृतियों का हिस्सा बन जाते हैं, किन्तु ज्ञान, अनुभव और मित्रता जीवनभर साथ रहते हैं। डॉ. चौहान ने द दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसायटी, नई दिल्ली के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सोसायटी विद्यार्थियों को अकादमिक गतिविधियों से परे अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सर्वांगीण विकास के अवसर निरंतर उपलब्ध कराती रही है। उन्होंने डीपीएस रांची को इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी का दायित्व सौंपने के लिए सोसायटी का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा आश्वस्त किया कि विद्यालय उत्कृष्ट आतिथ्य, सुव्यवस्थित आयोजन और उच्च शैक्षणिक मानकों को बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। अपने स्वागत भाषण के समापन पर डॉ. जया चौहान ने सभी प्रतिभागी टीमों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएँ देते हुए उनसे उत्साह, ईमानदारी, अनुशासन तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का आह्वान किया। स्वागत भाषण के उपरांत डीपीएस रांची के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का मन मोह लिया।

सभा को संबोधित करते हुए द दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसायटी, नई दिल्ली की डायरेक्टर एवं मुख्य अतिथि सुश्री डॉली चन्ना ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन से उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों को गहन रूप से प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान मानव जीवन के परिवर्तन का सबसे प्रभावशाली माध्यम है तथा विद्यार्थियों को सदैव प्रश्न पूछने, व्यापक रूप से अध्ययन करने और अपने भीतर जिज्ञासा की भावना को जीवित रखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के युग में जानकारी प्राप्त करना अत्यंत सरल हो गया है, क्योंकि सूचना हर समय उपलब्ध है। किंतु वास्तविक चुनौती केवल जानकारी एकत्रित करना नहीं, बल्कि उसे समझना, उसका विश्लेषण करना, विभिन्न तथ्यों के बीच संबंध स्थापित करना तथा उसे जीवन में सार्थक रूप से लागू करना है। सुश्री चन्ना ने कहा कि इंटर डीपीएस क्विज़ प्रतियोगिता जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी बौद्धिक क्षमता को परखने के साथ-साथ टीम भावना, अनुशासन, विनम्रता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जैसे जीवन-मूल्यों को आत्मसात करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्विज़ प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल अधिक से अधिक उत्तर देना नहीं होता, बल्कि यह सीखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि जब किसी प्रश्न का उत्तर ज्ञात न हो, तब धैर्य बनाए रखें, दूसरों से सीखने की विनम्रता रखें तथा नई चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस विकसित करें। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिज्ञासा को अपना आजीवन साथी बनाएँ, क्योंकि मानव सभ्यता की अनेक महान खोजों और उपलब्धियों की शुरुआत एक छोटे से प्रश्न से ही हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को सीखने की प्रक्रिया को कभी समाप्त नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि निरंतर सीखने वाला व्यक्ति ही बदलते समय के साथ आगे बढ़ता है और समाज में सार्थक योगदान देता है। उन्होंने माननीय प्राचार्या डॉ. जया चौहान के कुशल नेतृत्व में इस प्रतिष्ठित ज़ोनल प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए डीपीएस रांची की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय ने सभी प्रतिभागी विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए अत्यंत आत्मीय, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराया है, जो उत्कृष्ट आयोजन क्षमता का परिचायक है। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों एवं मार्गदर्शकों की महत्वपूर्ण भूमिका की भी विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही विद्यार्थियों को अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने, नए विषयों का अध्ययन करने, व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने तथा उत्कृष्टता की ओर निरंतर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित करते हैं। उनके मार्गदर्शन और समर्पण के कारण ही विद्यार्थी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने में सफल होते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों को संबोधित करते हुए उन्होंने ने कहा कि जीत और हार जीवन के अस्थायी परिणाम हैं, जबकि प्रतियोगिता से प्राप्त आत्मविश्वास, अनुभव, नए मित्र, व्यापक दृष्टिकोण और सीख जीवनभर व्यक्ति के साथ रहते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे पूरे समर्पण, ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में भाग लें तथा अपने साथियों की उपलब्धियों का भी समान हर्ष और सम्मान के साथ स्वागत करें। अपने प्रेरक उद्बोधन के समापन पर उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इंटर डीपीएस क्विज़ प्रतियोगिता (ज़ोन–IV) युवा प्रतिभाओं के ज्ञान, तर्कशक्ति, नेतृत्व क्षमता एवं टीम भावना का सर्वोत्तम प्रदर्शन करेगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय अनुभव की कामना की।

इस अवसर पर सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड, रांची के जीवन विज्ञान विभाग में इंटीग्रेटिव प्लांट बायोलॉजी के प्रोफेसर प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार ने डीपीएस रांची तथा द दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसायटी, नई दिल्ली को युवा विद्यार्थियों के लिए ऐसा उत्कृष्ट बौद्धिक मंच उपलब्ध कराने हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में ज्ञान के प्रति रुचि, तार्किक चिंतन तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के संदर्भ में जिज्ञासा एवं प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति के महत्व पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि सार्थक शिक्षा की वास्तविक नींव जिज्ञासा पर आधारित होती है। यदि विद्यार्थी किसी विषय को गहराई से समझना चाहते हैं, तो उन्हें केवल तथ्यों को याद करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रश्न पूछने, स्थापित धारणाओं की समीक्षा करने, प्रमाणों का विश्लेषण करने, स्वतंत्र रूप से विचार करने तथा निरंतर सीखने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। प्रो. कुमार ने कहा कि ज्ञान कभी भी किसी एक विषय अथवा कक्षा की चारदीवारी तक सीमित नहीं होना चाहिए। वास्तविक और सार्थक समझ तब विकसित होती है, जब विद्यार्थी विज्ञान, समाज, इतिहास, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण तथा दैनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं के बीच संबंध स्थापित करना सीखते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सदैव सजग, जिज्ञासु एवं सीखने के प्रति उत्सुक बने रहने का आग्रह करते हुए कहा कि जीवन में सफलता और असफलता दोनों ही सीखने की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण हैं, इसलिए प्रत्येक अनुभव से कुछ नया सीखने का प्रयास करना चाहिए।

क्विज़ मास्टर श्री आदित्य नाथ मुबायी ने क्विज़ प्रतियोगिता के नियम एवं दिशा-निर्देशों की स्पष्ट जानकारी दी। ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं के संचालन में अपने व्यापक अनुभव का परिचय देते हुए उन्होंने सभी प्रतिभागी टीमों को प्रतियोगिता की संरचना, विभिन्न चरणों एवं संचालन प्रक्रिया से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रत्येक प्रश्न एवं निर्देश को ध्यानपूर्वक सुनने, निर्धारित समय-सीमा के भीतर उत्तर देने, प्रतियोगिता के दौरान अनुशासन एवं मर्यादा बनाए रखने तथा क्विज़ मास्टर एवं आयोजन समिति के निर्णयों का पूर्ण सम्मान करने की सलाह दी। श्री मुबायी ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल श्रेष्ठ प्रदर्शन करना ही नहीं, बल्कि निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं खेल भावना के साथ ज्ञान का उत्सव मनाना भी है। उनके विस्तृत मार्गदर्शन से सभी प्रतिभागी टीमों को प्रतियोगिता की रूपरेखा, नियमों एवं अपेक्षाओं की स्पष्ट एवं समग्र जानकारी प्राप्त हुई, जिससे प्रतियोगिता के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन की मजबूत आधारशिला रखी गई।

उद्घाटन समारोह के दौरान प्रतियोगिता की आधिकारिक समय-सारिणी की भी घोषणा की गई। इंटर डीपीएस क्विज़ प्रतियोगिता (ज़ोन–IV) का मुख्य आयोजन 07 अगस्त 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें 23 दिल्ली पब्लिक स्कूलों की प्रतिभागी टीमें ज्ञान, विश्लेषणात्मक क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की योग्यता, तार्किक चिंतन, सामान्य जागरूकता तथा टीमवर्क पर आधारित विभिन्न प्रतिस्पर्धात्मक चरणों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। प्रतियोगिता का प्रत्येक दौर विद्यार्थियों की बौद्धिक दक्षता, विषयगत समझ, समसामयिक ज्ञान तथा दबाव की परिस्थितियों में त्वरित एवं सटीक निर्णय लेने की क्षमता का समग्र मूल्यांकन करेगा। उसी दिन, 07 अगस्त 2026 को प्रतियोगिता का समापन भव्य समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा। इस अवसर पर विजेता एवं उपविजेता टीमों सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। यह समारोह सभी प्रतिभागियों की उपलब्धियों का उत्सव होगा तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, उत्कृष्ट प्रदर्शन और ज्ञानार्जन की भावना को सम्मानित करेगा।

यह प्रतिष्ठित आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं के लिए विचारों के आदान-प्रदान, ज्ञान के विस्तार, आत्मविश्वास के विकास और राष्ट्रीय स्तर पर नई मित्रताएँ स्थापित करने का सशक्त मंच सिद्ध हो रहा है। विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों के मध्य संवाद, सहयोग एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने इस आयोजन को और अधिक सार्थक एवं प्रेरणादायी बना दिया है।

दिल्ली पब्लिक स्कूल, रांची द्वारा आयोजित यह प्रतिष्ठित ज़ोनल प्रतियोगिता न केवल विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता को नई दिशा प्रदान करेगी, बल्कि उनमें जिज्ञासा, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, अनुशासन, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा तथा उत्कृष्टता के मूल्यों को भी और अधिक सुदृढ़ करेगी। इस आयोजन के माध्यम से डीपीएस रांची ने एक बार पुनः उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपराओं, सुव्यवस्थित आयोजन क्षमता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता का प्रभावशाली परिचय दिया है।