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नावाडीह में सैकड़ों दलित-आदिवासी परिवार आवास से वंचित, माइंस से ग्रामीण सड़कें जर्जर : भाकपा


रुचिर तिवारी ने गांव में जनसंपर्क कर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, माइंस की लीज और खनन गतिविधियों की जांच की मांग

रामगढ़, गुरुवार, 24 सितंबर 2026। 
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव एवं डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी रुचिर कुमार तिवारी ने गुरुवार को रामगढ़ प्रखंड की नावाडीह पंचायत में जनसंपर्क अभियान चलाकर ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने आवास, सड़क, प्रदूषण और खनन से जुड़ी कई समस्याएं उनके सामने रखीं।

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के दलित एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में आज भी बड़ी संख्या में गरीब परिवार आवास योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। कई परिवार जर्जर मिट्टी के घरों में रहने को मजबूर हैं। बरसात के दौरान घरों की छत से पानी टपकने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पार्वती देवी, सुषमा मुरमू, देवेश करकेटा सहित कई जरूरतमंद परिवारों की स्थिति का उल्लेख करते हुए आवास उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

इस पर रुचिर तिवारी ने कहा कि यदि पात्र गरीब परिवार आवास योजना के लाभ से वंचित हैं, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने पंचायत स्तर पर आवास योजनाओं के चयन और लाभुकों की सूची की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलने पर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।

श्री तिवारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की वास्तविक स्थिति कागजों में नहीं, बल्कि गांवों में जाकर देखी जानी चाहिए। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की।

जनसंपर्क के दौरान नावाडीह में संचालित माइंस को लेकर भी ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों के अनुसार, माइंस में आने-जाने वाले भारी वाहनों के कारण ग्रामीण सड़कें जर्जर हो गई हैं। इसके अलावा खनन क्षेत्र से उड़ने वाली धूल के कारण आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रुचिर तिवारी ने आरोप लगाया कि माइंस संचालक द्वारा लीज में चिन्हित क्षेत्र के अलावा अन्य स्थानों से पत्थर उठाए जाने की शिकायत ग्रामीणों ने की है। उन्होंने कहा कि यदि लीज क्षेत्र से बाहर खनन अथवा जंगल क्षेत्र में अवैध खनन की बात सही है, तो यह गंभीर मामला है और इसकी जांच आवश्यक है।

उन्होंने पलामू उपायुक्त से माइंस की लीज, खनन क्षेत्र, पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन तथा सरकार को मिलने वाले राजस्व की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खनन निर्धारित क्षेत्र और नियमों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।

श्री तिवारी ने कहा कि खनन गतिविधियों से स्थानीय लोगों को सड़क, धूल और पर्यावरण संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए प्रशासन को ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

जनसंपर्क अभियान में किसान नेता रामराज तिवारी, नौजवान संघ के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, पूनम उपाध्याय, जमालुद्दीन, नसीम राइन सहित कई ग्रामीण एवं पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।