झारखण्ड को आज भी घटिया नेता नहीं, निर्माता की जरूरत: शत्रुघ्न कुमार शत्रु
पलामू : झारखण्ड ऊक्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने कहा कि अलग राज्य बनने के बाद झारखण्ड को घटिया नेता नहीं निर्माता की जरूरत थी, लेकिन एन डी ए के बाबूलाल मरांडी से लेकर इंडिया गठबंधन के हेमन्त सोरेन तक ने झारखण्ड को लूटखंड में तब्दील कर धरती अब्बा भगवान विरसा मुंडा से लेकर तमाम झारखण्डी महापुरुषों के सपनों को ध्वस्त कर दिया। निश्चित रूप से आज भी झारखण्ड को घटिया नेता नहीं बल्कि निर्माता की जरूरत है।
जारी बयान में उन्होंने कहा है कि देश में प्रचुर खनिज संसाधनों से भरपूर 26 वर्ष के हो चुके इस अग्रणी राज्य को यहां के अधिसंख्य विधायकों, मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों ने भाई-भतिजावाद के साथ भ्रष्टाचार के प्रयोगशाला में तब्दील कर अपने नीजि स्वार्थों की पूर्ति की है। झारखण्ड की नौकरशाही में जिस तरीके से हर दल के नेताओं ने अपने भाई-भतिजों ,नाते-रिश्तेदारों को बेशर्मी की हद तक जाकर भरने का कार्य किया है, वह जगजाहिर है।आखिर क्यों 44 भर्ती परीक्षाओं को
रद्द करने वाली हेमन्त सरकार सीबीआई जांच से दूर भाग रही है?
बयान के अंत में जेकेएम अध्यक्ष ने कहा है कि झारखण्ड में ना केवल न्युक्ति परीक्षाओं बल्कि ट्रान्सफर-पोस्टींग को सरकारी उद्योग का दर्जा देने के कारण यहां अब भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार हो गया है?






