गंगाजल के समान शिव को प्रिय हैं कांवरिया, श्रावण में अमृत बन जाता है पवित्र जल
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
बैद्यनाथधाम : धार्मिक मान्यता है कि जिस प्रकार भगवान शिव को गंगाजल प्रिय है, ठीक उसी प्रकार कांवरिया भी भोलेनाथ के अत्यंत प्रिय हैं।
सालों भर शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करना पुण्यदायी माना जाता है, लेकिन श्रावण मास में इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
पुराणों के अनुसार श्रावण में कांवर में भरा गया पवित्र गंगाजल अमृत के समान हो जाता है। जब यही जल बाबा धाम देवघर के कामनालिंग पर अर्पित होता है तो शिव अत्यंत प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इसी आस्था के कारण हर वर्ष देवघर आने वाले शिवभक्त कांवरियों की संख्या बढ़ती जा रही है।
पवित्र श्रावण मास में पूरी बाबा नगरी शिवभक्तों से भर जाती है। चारों ओर 'बोल बम' और 'हर हर महादेव' के जयघोष से वातावरण गुंजायमान रहता है। झारखंड के प्रवेश द्वार दुम्मा से ही कांवरियों का जत्था झूमते-नाचते हुए आगे बढ़ता है।
सुल्तानगंज से बाबा धाम तक 105 किमी की दुर्गम पैदल यात्रा में छोटे-छोटे बच्चे भी 'बालक बम' बनकर खुशी-खुशी चलते हैं। कांवरिया पथ पर 24 घंटे भक्ति की अविरल धारा बहती है। ऐसा कोई पल नहीं जब रास्ते पर कांवरिया न दिखें।
5 दशक में बदली तस्वीर, 150 किमी तक फैला मेला
करीब 50 साल पहले सुल्तानगंज से देवघर तक आने के लिए कोई सरकारी व्यवस्था नहीं थी। श्रद्धालु घने जंगलों और पगडंडियों से पैदल जल लेकर आते थे।
लेकिन नेताओं और जनप्रतिनिधियों की आस्था के बाद प्रशासन सजग हुआ। अब सड़कों का निर्माण, प्रकाश, पेयजल, ठहरने और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई है। सरकारी प्रयासों के साथ स्वयंसेवी संस्थाएं भी सेवा में जुटी हैं।
नतीजा यह हुआ कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला अब सुल्तानगंज से देवघर होते हुए बासुकीनाथ तक करीब 150 किमी तक फैल गया है। इस बार पूरा कांवरिया क्षेत्र केसरियामय नजर आ रहा है।
*मजबूत होता है अर्थतंत्र*
श्रावणी मेला सिर्फ आस्था का ही नहीं, अर्थव्यवस्था का भी बड़ा केंद्र है। मेले के दौरान राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। रेल और अन्य माध्यमों से केंद्र सरकार को भी अच्छी आमदनी होती है।
स्थानीय स्तर पर लाखों लोगों को रोजगार मिलता है। व्यापारी वर्ग सावन की कमाई से पूरे साल अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। इसे श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ की कृपा मानते हैं।




.jpeg)

