राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा की टीम दिल्ली रवाना, जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम की मांग होगी बुलंद
राजेश गुप्ता बोले—ओबीसी को अब टाल नहीं सकती केंद्र सरकार, दिल्ली में सौंपा जाएगा ज्ञापन
रांची : राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, झारखंड का 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जाति जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम की मांग को लेकर रविवार को दिल्ली के लिए रवाना हुआ। दिल्ली में देशभर के ओबीसी संगठनों की राष्ट्रीय बैठक आयोजित की जाएगी, जहां से राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन का आगाज करने की रणनीति तय होगी।
दिल्ली रवाना होने से पूर्व राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार को जाति जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम देना ही होगा। उन्होंने कहा कि सरकार अब ओबीसी की मांग को टाल नहीं सकती। ओबीसी समाज की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आंकड़ा सामने लाने के लिए जाति आधारित जनगणना में अलग से ओबीसी कॉलम आवश्यक है।
राजेश गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर तीन स्तरीय आंदोलन शुरू किया है। इसी क्रम में 13 सितंबर को दिल्ली में देशभर के ओबीसी संगठनों की राष्ट्रीय बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक के माध्यम से आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के वरिष्ठ साथी आजम अहमद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार गंजू ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग तथा जनगणना आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर ओबीसी के लिए जाति जनगणना में अलग कॉलम देने की मांग करेगा।
रांची से प्रतिनिधिमंडल के सदस्य शाम 5 बजे रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए रवाना हुए। प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्य हजारीबाग, चतरा, लातेहार और गढ़वा से दिल्ली पहुंचेंगे, जबकि कुछ प्रतिनिधि विमान से भी दिल्ली जाएंगे।
रांची से दिल्ली रवाना होने वालों में विजय कुमार साहू, रविंद्र लाल यादव, सुरेश राम ठाकुर, इंद्रदेव ठाकुर, शिव प्रसाद साहू, राजकुमार भगत, राजबल्लभ सोनी, शिवेंद्र राणा, राजेश कुमार गुप्ता, संजीव कुमार, त्रिलोकी प्रसाद, विनोद कुमार गोप, बलराम प्रसाद, नीरज कुमार, अनुपमा देवी, रवि कुमार, शुभम गुप्ता सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल हैं।
मोर्चा नेताओं ने कहा कि ओबीसी समाज की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति का वास्तविक आंकड़ा सामने आने के लिए जाति जनगणना में ओबीसी की स्पष्ट गणना जरूरी है। इसी मांग को लेकर दिल्ली में होने वाली बैठक और ज्ञापन कार्यक्रम को आंदोलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





