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आरक्षण कोई भीख नहीं, वंचितों का संवैधानिक अधिकार : शत्रुघ्न कुमार शत्रु


मेदिनीनगर, 22 अगस्त। झारखंड क्रांति मंच के केंद्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने शनिवार को प्रेस बयान जारी कर आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों को दिया जाने वाला आरक्षण कोई भीख नहीं, बल्कि लंबे समय से सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अन्य क्षेत्रों में वंचित रहे लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए दिया गया संवैधानिक अधिकार है।

उन्होंने कहा कि आरक्षण को केवल गरीबी हटाने की योजना के रूप में देखने के बजाय इसके ऐतिहासिक और सामाजिक कारणों को समझने की जरूरत है। उनके अनुसार, संविधान सभा ने बाबा साहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर के नेतृत्व में वंचित वर्गों को समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आरक्षण का प्रावधान किया।

शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने कहा कि जो लोग आरक्षण का विरोध करते हैं, उन्हें सबसे पहले समाज में व्याप्त जाति, वर्ण और सामाजिक-धार्मिक असमानता को खत्म करने की दिशा में आगे आना चाहिए।

आरक्षण को नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

जेकेएम अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के एससी-एसटी वर्ग से निर्वाचित सांसदों को एकजुट होकर आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने की दिशा में पहल करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आरक्षण के माध्यम से सांसद, विधायक और मंत्री बनने वाले जनप्रतिनिधियों को भी वंचित वर्गों के अधिकारों और आरक्षण के पक्ष में मजबूती से आवाज उठानी चाहिए।