पलामू में नक्सल प्रभावित क्षेत्र की महिलाओं ने रची आत्मनिर्भरता की नई मिसाल
पलामू: नक्सल प्रभावित इलाकों की महिलाएं अब अपने हुनर और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। कभी रोजगार के सीमित साधनों से जूझने वाली ग्रामीण महिलाएं अब अपने हाथों से आकर्षक राखियां तैयार कर रही हैं। रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर इन राखियों की कई क्षेत्रों में मांग बढ़ने से महिलाओं के चेहरे पर भी खुशी नजर आ रही है।
महिलाएं अपने स्तर पर राखियों की डिजाइन तैयार करने के साथ उन्हें आकर्षक रूप देने में जुटी हैं। रंग-बिरंगे धागों, मोतियों और अन्य सजावटी सामग्री का इस्तेमाल कर तैयार की जा रही राखियां लोगों को पसंद आ रही हैं। इससे महिलाओं को अपने घर के आसपास ही रोजगार और आमदनी का अवसर मिल रहा है।
महिला समूहों और स्वरोजगार से जुड़ी ऐसी पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पलामू जैसे क्षेत्रों में पहले भी स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं ने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर अपनी आय के साधन विकसित किए हैं।
राखी निर्माण के जरिए महिलाओं को न सिर्फ अतिरिक्त आमदनी का जरिया मिला है, बल्कि उनके हुनर को बाजार भी मिल रहा है। मांग बढ़ने से महिलाओं में उत्साह है और वे आने वाले समय में इस काम को और बड़े स्तर पर करने की उम्मीद जता रही हैं।
इस पहल ने यह संदेश भी दिया है कि उचित अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर के दम पर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं और परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।





