पाकुड़ समेत तीन जिलों में वोटर फॉर्म में मिली गड़बड़ी, सीईओ ने दिए गहन जांच के निर्देश
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
पाकुड़ : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने धनबाद, जामताड़ा और पाकुड़ जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों के निरीक्षण के दौरान मतदाताओं द्वारा भरे गए इन्यूमरेशन फॉर्म और दस्तावेजों में मिली विसंगतियों पर गंभीरता जताते हुए ERO/AERO को गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने निर्देश दिया कि एक माता-पिता और उनके बेटा-बेटी से जुड़े मामलों की सुनवाई एक साथ की जाए, ताकि आयु, पारिवारिक संबंध और नागरिकता से जुड़े विवरण का समग्र मिलान हो सके। निरीक्षण में कई जगह वैध दस्तावेजों और फॉर्म में दर्ज जन्मतिथि में अंतर, भाई-बहन की उम्र में 9 माह से भी कम अंतर जैसे अतार्किक मामले सामने आए।
सीईओ ने कहा कि कुछ मतदाताओं ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए उम्र घटा-बढ़ा कर दिखाई है। मतदाताओं से अपील है कि वे सुनवाई के दौरान ERO के समक्ष सही तथ्य और प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करें।
उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में मतदाताओं की मैपिंग वास्तविक परिवार के बजाय अन्य रिश्तेदारों के साथ की गई है। आयोग द्वारा निर्धारित 11 वैध दस्तावेजों के आधार पर ही सही मैपिंग और प्रविष्टि की जाए। गलत दस्तावेजों पर कार्रवाई होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।
विदेशी नागरिकों को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने और वैधानिक अर्हता पूरी करने के बाद ही मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन करें। बिना नागरिकता के आवेदन देना दंडनीय अपराध है। यदि कोई विदेशी नागरिक भारतीय परिवार के दस्तावेज का दुरुपयोग कर नाम जुड़वा रहा है तो फॉर्म-07 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि दस्तावेज में विसंगति मात्र से किसी पात्र नागरिक को मताधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से न छूटे और कोई अपात्र या विदेशी नागरिक सूची में शामिल न हो।






