गोड्डा में जेपीएससी-जेएसएससी में धांधली के खिलाफ छात्रों ने किया आर-पार की लड़ाई का ऐलान
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
गोड्डा : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित धांधली, भ्रष्टाचार और प्रश्नपत्र लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन अब उग्र रूप लेता जा रहा है। रविवार को संथाल परगना के गोड्डा स्थित कारगिल चौक पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए छात्र नेता देवेंद्र महतो ने सरकार और भर्ती संस्थाओं के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया।
"पैरवी और पहचान के आधार पर बांटी जा रही हैं नौकरियां"
सभा को संबोधित करते हुए देवेंद्र महतो ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में योग्यता और मेहनत की अनदेखी कर पैरवी, पहचान और कथित 'रेट चार्ट' के आधार पर सरकारी नौकरियां देने का खेल चल रहा है। किसान और मजदूर परिवारों के बच्चों ने दिन-रात मेहनत की, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण उनके सपने टूट रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व में भूख हड़ताल, सत्याग्रह और विधानसभा घेराव जैसे दबावों के कारण सरकार को कई परीक्षाएं रद्द या स्थगित करनी पड़ी थीं। छात्र नेता ने आरोप लगाया कि अब न्यायालय की प्रक्रिया के माध्यम से मामलों को दबाने या लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे राज्य के युवा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे।
24 जिलों में निकाली जा रही है न्याय यात्रा
देवेंद्र महतो ने स्पष्ट किया कि 24 जिलों का यह दौरा केवल दूरी तय करने के लिए नहीं, बल्कि किसान और मजदूर परिवारों के बच्चों के टूटते सपनों और उनके अभिभावकों के संघर्ष को न्याय दिलाने के लिए है।
छात्र आंदोलनकारियों ने मांग की है कि:
* हाल ही में हुई संदिग्ध नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच की जाए और गिरफ्तारियां हों।
* यदि इस अनियमितता में कोई अधिकारी, नेता या मंत्री शामिल है, तो उसकी जांच कर दोषियों को सामने लाया जाए।
* झारखंड के हित में स्थानीय एवं नियोजन नीति बनाई जाए।
* सभी सरकारी नियुक्तियां पारदर्शी प्रक्रिया और निष्पक्षता के साथ सुनिश्चित की जाएं।
'झारखंड बंद' की चेतावनी
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि गोड्डा के बाद यह यात्रा देवघर, धनबाद, बोकारो, कोल्हान और पलामू प्रमंडल होते हुए रांची पहुंचेगी। इस यात्रा का समापन रांची स्थित भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल पर किया जाएगा।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसके तहत पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन चक्का जाम एवं 'झारखंड बंद' जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।






