इस्तीफा स्वीकृत होने के बावजूद कुलसचिव पद पर बने रहने पर विवाद, एबीवीपी ने जताई आपत्ति
गढ़वा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में कुलसचिव पद को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिषद के राज्य विश्वविद्यालय कार्य संयोजक मंजुल शुक्ल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि कुलसचिव डॉ. नफीस अहमद का इस्तीफा उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृत किए जाने तथा नए कुलसचिव की नियुक्ति का निर्देश जारी होने के बावजूद उनका पद पर बने रहना प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
एबीवीपी के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बाद भी विश्वविद्यालय में कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होना नियमों के अनुपालन पर गंभीर चिंता उत्पन्न करता है। संगठन ने कहा कि 9 सितंबर 2026 को निदेशक, उच्च शिक्षा द्वारा कुलपति को भेजे गए पत्र में भी प्रभारी कुलसचिव की वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था।
परिषद ने आरोप लगाया कि स्वीकृत इस्तीफे के बाद भी पद पर बने रहना न केवल विभागीय निर्देशों की अवहेलना है, बल्कि इससे विश्वविद्यालय की प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के दैनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
एबीवीपी ने मांग की है कि डॉ. नफीस अहमद को तत्काल पद से कार्यमुक्त किया जाए तथा उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रभारी कुलसचिव की वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए प्रभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाए।
संगठन ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था किसी व्यक्ति विशेष पर आधारित न होकर निर्धारित नियमों और संस्थागत प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित होनी चाहिए। परिषद ने उच्च शिक्षा विभाग एवं विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले पर शीघ्र स्थिति स्पष्ट करने और उत्पन्न असमंजस को समाप्त करने की मांग की है।


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