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संस्कृति महोत्सव में बरगंडा विद्यालय का दबदबा, 31 पुरस्कारों के साथ ओवरऑल चैंपियन


रांची एक्सप्रेस संवाददाता 

गिरिडीह : विद्या विकास समिति, झारखंड के तत्वावधान में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा के प्रांगण में हजारीबाग विभाग स्तरीय एक दिवसीय संस्कृति महोत्सव ‘संस्कृति बोध’ का भव्य आयोजन किया गया। महोत्सव में 11 विद्यालयों के करीब 300 भैया-बहनों ने हिस्सा लिया। सात अलग अलग प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा ने 31 पुरस्कारों के साथ ओवरऑल चैंपियनशिप अपने नाम की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और स्वागत गीत के साथ हुआ। विज्ञान प्रश्न मंच, वैदिक गणित प्रश्न मंच, विज्ञान पत्र वाचन, कथा कथन, तात्कालिक भाषण, आचार्य पत्र वाचन और लोक नृत्य जैसी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।विभाग प्रमुख ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि विभाग स्तर पर सफल प्रतिभागी प्रांत स्तर की प्रतियोगिता में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि महोत्सव का प्रमाण-पत्र भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है। विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की सचिव शालिनी खोवाला ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं और उन्हें संस्कारी नागरिक बनने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उपाध्यक्ष प्रदीप जैन और अध्यक्ष अर्जुन मिष्टकार ने भी विद्यार्थियों को आशीर्वचन दिया। ओवरऑल चैंपियनशिप में बरगंडा प्रथम सातों प्रतियोगिताओं के सामूहिक प्रदर्शन के आधार पर प्रथम: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा, गिरिडीह 31 पुरस्का- द्वितीय: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कुम्हारटोली, हजारीबाग 26 पुरस्का- तृतीय: कैलाश राय सरस्वती विद्या मंदिर, झुमरी तिलैया 17 पुरस्कार प्रतियोगिताओं में विज्ञान प्रश्न मंच के विभिन्न वर्गों में बरगंडा, बरही, तिलैया, कुम्हारटोली और मालवीय मार्ग के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विज्ञान पत्र वाचन में बरगंडा और कुम्हारटोली के विद्यार्थियों का दबदबा रहा। वैदिक गणित में भी बरगंडा, कुम्हारटोली, बरही और तिलैया के प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा दिखाईI कथा-कथन में शिशु वर्ग में गिरिडीह की सोनल तथा बाल वर्ग में गिरिडीह की सौम्या ने प्रथम स्थान हासिल किया। तात्कालिक भाषण के तरुण वर्ग में गिरिडीह की रिया और किशोर वर्ग में कुम्हारटोली की अवंतिका प्रथम रहीं। आचार्य पत्र वाचन में कुम्हारटोली के ओमकार मिश्रा ने पहला स्थान प्राप्त किया। लोक नृत्य में कुम्हारटोली प्रथम, गिरिडीह द्वितीय और झुमरी तिलैया तृतीय स्थान पर रहा। पुरस्कार वितरण के साथ हुआ समापन समापन सत्र में अतिथियों का परिचय कराया गया। कार्यक्रम प्रमुख दुलारचंद आचार्य के नेतृत्व में पुरस्कार वितरण किया गया। विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य सिद्धार्थ श्रीवत्स ने संबोधित किया, जबकि प्रधानाचार्य आनंद कमल ने वृत्त कथन प्रस्तुत किया। प्रांतीय प्रतियोगिता की जानकारी शर्मेन्द्र साहू ने दी। मंच संचालन निशा श्रेष्ठ और अजीत कुमार मिश्र ने किया। धन्यवाद ज्ञापन वैदिक गणित प्रमुख राजीव कुमार सिंह ने किया। अंत में वंदे मातरम के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ