दुर्गापूजा पर घर लौट रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटे-बहू की मौत, पिता भी नहीं बचे
अनिल विश्वकर्मा
रामगढ़। जिस घर में दुर्गापूजा पर बेटे और बहू के आने से खुशियां लौटने वाली थीं, वहां अब मातम पसरा है। परिवार के साथ त्योहार मनाने की उम्मीद लेकर बेंगलुरु से हजारीबाग आ रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटे और बहू की चुटूपालू घाटी में हुए भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। उन्हें लेने रांची गए पिता भी हादसे में जान गंवा बैठे। रविवार की रात हुए इस हृदयविदारक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को पलभर में उजाड़ दिया। हादसे में मां और कार चालक गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना से हजारीबाग में शोक की लहर है।
दुर्गापूजा पर घर लौटने की खुशी मातम में बदली
हजारीबाग शहर के मिशन स्कूल रोड स्थित सैंडवेल नर्सिंग होम के समीप रहने वाले 70 वर्षीय प्रिमांशु चक्रवर्ती भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से सेवानिवृत्त थे। रविवार को वह अपनी 60 वर्षीय पत्नी रीना चक्रवर्ती के साथ बेटे प्रोनई चक्रवर्ती (32) और बहू प्रोयाशु चक्रवर्ती को लेने रांची गए थे। दोनों बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे और दुर्गापूजा के अवसर पर अपने घर हजारीबाग लौट रहे थे। परिवार को एक साथ त्योहार मनाने की उम्मीद थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
कंटेनर की टक्कर ने छीन लीं तीन जिंदगियां
परिवार को लेकर हजारीबाग लौटते समय रविवार रात करीब आठ बजे रांची-पटना मुख्य मार्ग पर चुटूपालू घाटी में रामगढ़-रांची लेन पर उनकी बलेनो कार को एक कंटेनर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार सवार प्रिमांशु चक्रवर्ती, उनके बेटे प्रोनई चक्रवर्ती और बहू प्रोयाशु चक्रवर्ती की मौत हो गई। वहीं, पत्नी रीना चक्रवर्ती और कार चालक राजू कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
जिस घर में गूंजनी थीं खुशियां, वहां पसरा सन्नाटा
बेटे और बहू के घर आने की प्रतीक्षा कर रहा परिवार अब कभी न भरने वाले जख्म से जूझ रहा है। दुर्गापूजा पर अपनों के साथ समय बिताने और खुशियां बांटने की उम्मीद दर्दनाक हादसे में बिखर गई। बेटे-बहू को लेने निकले पिता का सफर भी अधूरा रह गया। एक ही हादसे में परिवार की तीन जिंदगियां छिन जाने की खबर से हजारीबाग में शोक का माहौल है।






