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बैंकॉक में एडवांस्ड एंडोस्कोपी लेवल 2 ट्रेनिंग में टीम इंडिया गैस्ट्रो का डॉ.जयंत घोष ने प्रतिनिधित्व किया


रांची एक्सप्रेस संवाददाता 

रांची : बैंकॉक के क्लैंग हॉस्पिटल में 21-22 अगस्त को होने वाले दो दिवशीय एडवांस्ड एंडोस्कोपी लेवल 2 ट्रेनिंग (IEC-2) में रांची के डॉ. जयंत घोष ने प्रतिनिधित्व किया । इस ट्रेनिंग मे भारत, फिलीपींस एवं थाईलैंड के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 
इस ट्रेनिग मे भारत से आठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट प्रतिनिधि वहां मौजूद हुयें । डॉ. जयंत कुमार घोष (रांची), डॉ. पीयूष गुप्ता (नई दिल्ली), डॉ. विजय (बेंगलुरु), डॉ. अनुराग सच्चन (कानपुर), डॉ. गौतम (विशाखापत्तनम), डॉ. साहिल रसाने (पुणे) और डॉ. तरुण जॉर्ज (चेन्नई) ने बैंकॉक, थाईलैंड में IEC-2 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। डॉक्टरों ने इंटरनेशनल मेंटर्स से एडवांस्ड एंडोस्कोपी तकनीकों, जैसे EUS, ESD और EMR के बारे में जानकारी हासिल की एवं अपने अस्पतालों में किए गए कामों को भी पेश किया। 
डॉ. जयंत कुमार घोष ने बाइल डक्ट (पित्त नली) से पथरी निकालने की एक नई तकनीक, जिसे 'कोलांगियोस्कोपी प्लस EHL' कहा जाता है, के बारे में उपास्थित लोगो को जानकारी उप्लब्ध करायी । 
डॉ. जयंत ने हाल ही में रांची के ऑर्किड हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में यह प्रक्रिया की थी , और उन्हें इसके लिए सराहना भी मिली थी। 
भारत, फिलीपींस और थाईलैंड के मरीज़ों को इन नई एंडोस्कोपिक तकनीकों से फ़ायदा होगा एवं बहुत जल्द ही झारखंड और आस-पास के पूर्वी भारतीय राज्यों के मरीज़ों के फ़ायदे के लिए रांची के ऑर्किड हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में भी ये नई एंडोस्कोपिक तकनीकें शुरू की जाएंगी। 
भारत से मेंटर्स के तौर पर डॉ.अमित मायदेव (मुंबई) और डॉ. नवीन पोलावरपु (हैदराबाद) शामिल थे। मुंबई के डॉ. अमित मायदेव इस इंटरनेशनल प्रोग्राम के चेयरमैन थे।