सारण, 08 जुलाई। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा निर्णय लिया है। नगर पंचायत रिविलगंज के स्वामित्व वाली जमीन पर अपर समाहर्त्ता न्यायालय द्वारा जमाबंदी रद्द किए जाने के बावजूद भू-माफियाओं द्वारा उस पर जबरन निर्माण कार्य कराने का मामला सामने आया है।
इस मामले में कार्रवाई करते हुए रिविलगंज थाने में संबंधित लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। रिविलगंज नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी किशोर कुणाल ने बताया कि बीते 4 जुलाई को जब वे खुद उक्त स्थल पर अवैध निर्माण रुकवाने पहुंचे, तो वहां काम कर रहे मजदूरों ने इस अवैध कार्य की पुष्टि की।
प्रशासन द्वारा इसकी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई। इसके बाद कार्यालय पत्रांक 688 के तहत नोटिस तामिला कराने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोपियों द्वारा नोटिस लेने से इनकार करने पर उसे मौके पर ही चस्पा कर जियो-टैग फोटोग्राफी कराई गई।
प्रशासनिक आदेशों की धता बताते हुए भू-माफियाओं ने 4 जुलाई की रात और 5 जुलाई की सुबह भी निर्माण कार्य जारी रखा तथा बड़े पैमाने पर घेराबंदी कर जमीन कब्जाने का प्रयास किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। रिविलगंज थाना प्रभारी ने बताया कि मौके से निर्माण कार्य में लगे कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस संबंध में केस संख्या-394/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा एक गंभीर कानूनन अपराध है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।






