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गौवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं राष्ट्रव्यापी सम्मान को लेकर पत्रकार वार्ता का आयोजन


भागलपुर, 15 जुलाई । श्री गौशाला प्रशाल भागलपुर में राष्ट्रीय स्तर पर संचालित 'गो सम्मान आह्वान अभियान' के संदर्भ में बुधवार को पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस पत्रकार वार्ता को मुख्य वक्ता के रूप में देश की राजधानी दिल्ली से पधारीं किरण झा ने संबोधित किया।

कार्यक्रम में श्री गौशाला, भागलपुर के महामंत्री गिरधारी केजरीवाल सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य गोप्रेमी, संत समाज एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए किरण झा ने कहा कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल, संस्था अथवा संगठन के बैनर तले नहीं, बल्कि पूर्णतः सात्विक, अहिंसक एवं लोक-आग्रह पर आधारित है। इसका एकमात्र उद्देश्य देश की सांस्कृतिक एवं आर्थिक रीढ़ देशी गोवंश को संवैधानिक संरक्षण, सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सम्मान दिलाना है।

संपूर्ण भारतवर्ष में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने तथा गोमाता को 'राष्ट्र माता' अथवा 'राष्ट्र आराध्या' का संवैधानिक सम्मान प्रदान किए जाने की मांग रखते हुए श्री गौशाला, भागलपुर के महामंत्री गिरधारी केजरीवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं सनातन परंपरा में गोमाता का स्थान सर्वोपरि है। अतः देशी गोवंश के संरक्षण के लिए सशक्त एवं प्रभावी कानून समय की आवश्यकता है।

इस अवसर पर अभिषेक कुमार जैन ने अपने वक्तव्य में कहा कि देशभर में गोवंश की समुचित सेवा, संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय का गठन किया जाना चाहिए तथा इसके लिए प्रभावी एवं कठोर कानून लागू किए जाने चाहिए।

रोहित बजोरिया ने अपने वक्तव्य में कहा कि रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करते हुए गोबर एवं गोमूत्र आधारित जैविक कृषि को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जाए। साथ ही सरकारी भवनों एवं चिकित्सालयों में गोबर से निर्मित पेंट तथा गोनाइल के उपयोग को प्रोत्साहित एवं आवश्यक बनाया जाए। अभियान के संरक्षक तथा विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री अवधेश जी एवं हस्ताक्षर अभियान के गौरव यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि देशभर की आरक्षित गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए तथा इसके संरक्षण एवं विकास के लिए गोचर विकास बोर्ड का गठन किया जाए, जिससे भविष्य में गोवंश के लिए पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध रह सकें।

पत्रकार वार्ता में आगामी कार्य योजना साझा करते हुए बताया गया कि अभियान के तहत 27 जुलाई 2026 को देश के सभी जिला कलेक्टरों के माध्यम से तथा 27 अक्टूबर 2026 को राज्य सचिवों के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को 40 करोड़ हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र सौंपकर इस जनभावना से अवगत कराया जाएगा।