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पलामू - MMDR के काले कानून से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा का धरना महज राजनीतिक ढोंग : सन्नू सिद्दीकी


पलामू। भाजपा द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य सह उपाध्यक्ष सन्नू सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा अपनी राजनीतिक नाकामियों और जनसरोकार के मुद्दों पर विफलता छिपाने के लिए धरना-प्रदर्शन का ढोंग कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ा सवाल MMDR बिल के उस प्रावधान और उसके संभावित प्रभावों का है, जिसे झारखंड के हितों के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। लेकिन भाजपा जानबूझकर JPSC और CGL जैसे मुद्दों को आगे करके जनता का ध्यान MMDR बिल से हटाने की कोशिश कर रही है।

सन्नू सिद्दीकी ने कहा, “भाजपा को अगर वास्तव में झारखंड के युवाओं और जनता की चिंता है तो वह पहले MMDR बिल पर अपना स्पष्ट रुख बताए। JPSC और CGL का नाम लेकर जनता को भावनात्मक रूप से भटकाने से MMDR का सवाल खत्म नहीं हो जाएगा।”

उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान और उसकी अर्थव्यवस्था में खनिज संपदा की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों से जुड़े किसी भी कानून पर जनता को पूरी जानकारी और स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक शोर में दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।

सन्नू सिद्दीकी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “जनता अब राजनीतिक नौटंकी और जनहित की लड़ाई में फर्क समझती है। आप JPSC-CGLके नाम पर जितना चाहे शोर मचा लें, लेकिन MMDR बिल का सवाल दबने वाला नहीं है। झारखंड की जनता पूछ रही है—MMDR पर भाजपा का असली रुख क्या है?”

उन्होंने कहा कि भाजपा का यह धरना जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश है, लेकिन जनता अब जागरूक है। झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से जुड़े अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।

सन्नू सिद्दीकी ने कहा—

“JPSC-CGL के नाम पर भ्रम फैलाना बंद करो, MMDR बिल पर अपना पक्ष साफ करो। झारखंड की जनता को जवाब चाहिए, राजनीतिक ढोंग नहीं।”

उन्होंने कहा कि जनता भाजपा की मंशा को समझ चुकी है और अब मुद्दों से भटकाने वाली राजनीति नहीं, बल्कि झारखंड के हित में स्पष्ट जवाब और ठोस कार्रवाई चाहती है।