अपराध पर शिकंजा कसने की तैयारी, 286 वारंट निष्पादित; 35 आरोपी गिरफ्तार।
उदय किशोर सिंह
जामताड़ा। जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे। इस दौरान जिले में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में पुलिस अधिकारियों को लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने, महत्वपूर्ण कांडों में फरार अपराधियों की गिरफ्तारी तथा स्थायी वारंट समेत अन्य सभी प्रकार के वारंटों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। पुलिस के अनुसार जिले में वारंट निष्पादन अभियान के तहत कुल 286 वारंटों का निष्पादन किया गया, जबकि विभिन्न मामलों में वांछित 35 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
साइबर अपराधियों पर रहेगी कड़ी नजर
एसपी ने साइबर ठगी करने वाले अपराधियों के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाकर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा साइबर अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगाने का निर्देश दिया। गंभीर अपराधों में जेल भेजे जा चुके अपराधियों की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है।
बैठक में गश्ती व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ बैंक, एटीएम, ज्वेलरी शॉप और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। आम लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर नियमित रूप से समय और स्थान बदलकर सघन एंटी क्राइम वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिया गया।
महिला और बाल अपराध पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
एसपी ने महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई करने का निर्देश दिया। लंबित कांडों के आरोपियों के खिलाफ निर्धारित समयसीमा के भीतर कानूनी कार्रवाई पूरी करने पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध और महिला संबंधी अपराधों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के लिए थाना एवं अनुमंडल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के बाद पुलिस केंद्र, जामताड़ा में पुलिस सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों की सामूहिक समस्याओं को सुना गया और उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही गई।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण, आम जनता की सुरक्षा और पुलिस-पब्लिक के बीच बेहतर संबंध स्थापित करना पुलिस की प्राथमिकता है।






