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राजीव गांधी की सोच में था आधुनिक और आत्मनिर्भर भारत का था सपना : रामचंद्र सिंह


युवाओं को 21वीं सदी के भारत का निर्माता बनाने का किया था आह्वान : राजीव रंजन प्रसाद


पलामू : राजीव गांधी के जन्मदिवस एवं सद्भावना दिवस के अवसर पर झारखंड प्रदेश राजीव गांधी विचार समिति के तत्वावधान में गुरुवार को मेदिनीनगर के टाउन हॉल में समारोह एवं ‘राजीव गांधी : व्यक्तित्व एवं कृतित्व’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड प्रदेश राजीव गांधी विचार समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता हृदयानंद मिश्र ने की।

समारोह में मुख्य अतिथि कांग्रेस विधायक रामचंद्र सिंह और विशिष्ट अतिथि युवा नेता व झारखंड सरकार के पूर्व गौ सेवा आयोग अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कांग्रेस संवाद के प्रधान संपादक श्याम नारायण सिंह ने किया, जबकि पलामू जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं झारखंड कांग्रेस के राज्य सचिव जैन रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक कार्यक्रम प्रभारी सह स्वागताध्यक्ष रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ हृदयानंद मिश्र ने ध्वजारोहण से किया। समिति अध्यक्ष ने मुख्य अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

राजीव गांधी ने भारत को नई दिशा देने का किया ऐतिहासिक कार्य : रामचंद्र सिंह

मुख्य अतिथि रामचंद्र सिंह ने कहा कि राजीव गांधी केवल पूर्व प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि आधुनिक भारत की आधारशिला रखने वाले दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने भारत को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करने का साहसिक प्रयास किया। सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार, शिक्षा, पंचायती राज और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देकर उन्होंने देश के विकास को नई दिशा दी।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी का सबसे बड़ा संदेश था कि भारत की शक्ति उसके युवाओं, गांवों और लोकतांत्रिक संस्थाओं में निहित है। उनका सपना ऐसा भारत बनाने का था, जिसमें आधुनिक तकनीक का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और विकास में समाज के हर वर्ग की समान भागीदारी हो।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के विचारों को याद करने का अर्थ केवल उन्हें श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लेना है। सद्भावना दिवस जाति, धर्म और क्षेत्र की संकीर्ण सीमाओं से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता के लिए काम करने की प्रेरणा देता है।

युवाओं में नए भारत का विश्वास पैदा किया : राजीव रंजन प्रसाद

राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि राजीव गांधी ने भारतीय राजनीति को नई ऊर्जा और नई सोच दी। उन्होंने युवाओं को केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान का सक्रिय भागीदार माना। मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष करना युवाओं के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की दूरदृष्टि का परिणाम आज भारत की तकनीकी और डिजिटल क्षमता में दिखाई देता है। सूचना एवं संचार क्रांति की जिस नींव को उन्होंने मजबूत किया, उसने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के लिए राजनीति सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि देश निर्माण का साधन थी। उनकी सोच में आधुनिकता के साथ मानवीय संवेदना, विकास के साथ सामाजिक न्याय और प्रगति के साथ सद्भावना का समन्वय था।

सेवा और जनकल्याण को मिशन बनाया : हृदयानंद मिश्र

अध्यक्षीय संबोधन में हृदयानंद मिश्र ने कहा कि राजीव गांधी के विचार केवल भाषणों और समारोहों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। उन्हें जनसेवा के माध्यम से जमीन पर उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

उन्होंने कहा कि समिति स्थापना काल से ही राजीव गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देती रही है। समिति की ओर से मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर, निःशुल्क चिकित्सा एवं औषधि वितरण, जल संरक्षण सहित कई जनहित के कार्य किए गए हैं। आने वाले समय में इन गतिविधियों को और व्यापक किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी का सपना था कि विज्ञान, तकनीक और आधुनिक विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। झारखंड में यह सपना तभी पूरा होगा, जब गांव, गरीब, आदिवासी, किसान, युवा और महिलाएं विकास की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक शामिल हों।

राजीव गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक : बिट्टू पाठक

स्वागत अध्यक्ष जैन रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक ने कहा कि राजीव गांधी की सोच समय से आगे की सोच थी। उन्होंने युवाओं और नई पीढ़ी में जो विश्वास पैदा किया, वही भारत के भविष्य की बड़ी पूंजी है। राजीव गांधी विचार समिति उनके विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

विचारों को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी : श्याम नारायण सिंह

संचालन करते हुए श्याम नारायण सिंह ने कहा कि राजीव गांधी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर निरंतर संवाद की आवश्यकता है, ताकि नई पीढ़ी उनके आधुनिक भारत निर्माण के दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझ सके।

सेमिनार को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। उन्होंने राजीव गांधी के व्यक्तित्व, कृतित्व, आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान तथा सामाजिक सद्भाव के लिए उनके विचारों पर प्रकाश डाला। समारोह में कांग्रेस के पदाधिकारी, राजीव गांधी विचार समिति के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, युवा और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
समारोह के अंत में उपस्थित लोगों ने राजीव गांधी के आदर्शों—सद्भावना, सामाजिक न्याय, आधुनिकता, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता—को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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