नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा के समक्ष सदीक चौक पर शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने राष्ट्रध्वज को फहराकर सलामी दिया
मेदिनीनगर शहर के नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की सदीक चौक स्थित प्रतिमा के समक्ष झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक सह केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने 80 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रध्वज को सम्मानपूर्वक फहराकर सलामी दिया।
इस अवसर पर उपस्थित जन समूह को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं व बधाई देते हुए झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने आजादी के सभी सेनानियों व बलिदानियों की कूर्बानी को नमन व वंदन करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में सभी जातियों, धर्मों व सम्प्रदाय के लोगों ने शहादत देकर गोरे अंग्रेजों को भगाया था, लेकिन आज 79 वर्षों बाद सत्ता में बैठे हुए साम्प्रदायिक व जातिवाद तत्व भारतीय संविधान व लोकतंत्र को मिटाने का कार्य कर रहे हैं।देश की आजादी के दिवानों ने जिस साझी विरासत को संजोने का सपना देखकर शहादत दी थी,आज उनके सपनों पर पानी फेरने के लिए हर मोर्चे पर काम शुरू हो गया है।आज सुभाष, गांधी, अम्बेडकर व नेहरू जैसे महानायकों की महान विरासत को मिटाकर नफरतें फैलाई जा रही है। संविधान में वर्णित धर्मनिरपेक्षता, प्रेम, भाईचारा,एकता को आगे बढ़ाने के बदले असहिष्णुता व वैमनस्य बढ़ाने के लिए केन्द्रीय सत्ता प्रतिष्ठान समर्पित है। भारतीय संसदीय लोकतंत्र में बिना पर्याप्त बहस-चर्चा के अलोकतांत्रिक विधेयकों को पास कर तानाशाही को सरेआम थोप कर संविधान व लोकतंत्र की जघन्य हत्या निंदनीय है।
आज इस 80 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमें अब आजादी की दूसरी लड़ाई देश में काले अंग्रेज बन चुके संविधान व लोकतंत्र के हत्यारों के खिलाफ शुरू करनी चाहिए।
ज्ञातव्य है कि आज इस राष्ट्रीय त्योहार के अवसर पर झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने मेदिनीनगर के माली मुहल्ला स्थित तंजीमुल अंसार कमिटी के कार्यालय प्रांगण में सदर अशफाक अहमद साहब द्वारा झण्डोतोलन कार्यक्रम में भी बतौर अतिथि भारी जन समूह को सम्बोधित करते हुए भारतीय संविधान व लोकतंत्र को बचाने हेतु दूसरी आजादी की जंग की शुरुआत की बात कही।
मेदिनीनगर शहर के अम्बेडकर पार्क में आयोजित झण्डोतोलन कार्यक्रम में शिरकत करते हुए जेकेएम अध्यक्ष ने उपस्थित जन समूह को हार्दिक शुभकामनाएं व बधाई देते हुए कहा कि भारतीय संविधान के निर्माता परमपूज्य बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ बी०आर०अम्बेडकर जी द्वारा लिखित संविधान से उत्पन्न आरबीआई(रिजर्वेशन बेनेफिशरी ऑफ इंडिया) जो यहां एससी एसटी कर्मचारी/अधिकारी संघ के रूप में नजर आ रहा है,वह अम्बेडकर मिशन का गद्दार बनता जा रहा है। मनुवादी कर्मकांडों व शराब/कबाब में लाखों रूपए फूंक देनेवाले ऐसे संघ के मरे हुए लोग आज के दिन भी ना तो बाबा साहेब की प्रतिमा को सजा सकते हैं,और ना ही यहां टेंट व लाउडस्पीकर लगाकर समारोहपूर्वक झण्डोतोलन कर सकते हैं।अगले साल इनमें से कई लोग सरकारी सेवा से निवृत होकर एमपी/एमएलए बनने की तैयारी में लगनेवाले हैं। अम्बेडकर पार्क बचाने की लड़ाई में टेंट, लाउडस्पीकर,शामियाना का खर्चा उठाने में जार-जार रोनेवाले एससी एसटी के इन कृतघ्न लोगों को हम चेतावनी देते हुए कहना चाहते हैं कि अगर सुधार नहीं किया तो यहां बिना तैयारी व साज-सज्जा के झण्डोतोलन करने की जरूरत नहीं है। विभिन्न अम्बेडकरवादी राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के लोग यहां राष्ट्रीय त्योहारों पर कार्यक्रम आयोजित कर लेंगे?






