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डाक विभाग ने विकास हाई स्कूल में कराई राखी निर्माण प्रतियोगिता, 100 छात्राओं ने लिया भाग, 10 को मिलेगा पुरस्कार


रांची एक्सप्रेस संवाददाता 

पालोजोरी (देवघर) : भारतीय डाक विभाग, देवघर मंडल के बैनर तले मंगलवार को पालोजोरी स्थित विकास हाई स्कूल में राखी निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में स्कूल की कुल 100 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भाई-बहन के अटूट स्नेह को प्रदर्शित करने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को भारतीय सभ्यता और संस्कृति से जोड़ना था। छात्राओं ने अपने सधे हाथों से आकर्षक और मनमोहक राखियों का निर्माण कर यह भी साबित किया कि विकास हाई स्कूल में किताबी शिक्षा के साथ-साथ प्रायोगिक शिक्षा पर भी जोर दिया जाता है।

डाक विभाग के इंस्पेक्टर राहुल सिंह ने बताया कि सम्पूर्ण झारखण्ड पोस्टल सर्किल में यह प्रतियोगिता आयोजित हो रही है और 14 अगस्त तक विभिन्न स्कूलों में इसका आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में बनी राखियों को डाक विभाग "स्पीड पोस्ट" के माध्यम से बच्चों की इच्छानुसार उनके गंतव्य तक पहुंचाएगा। विकास हाई स्कूल की छात्राओं की इच्छा पर उनकी बनाई राखियों को सीधे आर्मी कैंप, रांची भेजा जाएगा, ताकि देश की रक्षा में तैनात वीर जवानों तक बहनों का प्यार और आशीर्वाद पहुंच सके।

स्कूल स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली 10 छात्र-छात्राओं को डाक विभाग द्वारा पुरस्कृत कर प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।

प्रतियोगिता में नसीमा खातून कक्षा-10, सना खातून कक्षा-6, राखी कुमारी कक्षा-8, गुलाबसा खातून कक्षा-8, बसंती टुडू कक्षा-9, आशा किरण मरांडी कक्षा-5, श्रेया सिंह कक्षा-9, निहारिका सिंह कक्षा-9, सीवांती मुर्मू कक्षा-9, अनुष्का कुमारी कक्षा-7, अनुप्रिया मरांडी कक्षा-9, कल्याणी कुमारी पांडेय कक्षा-5 और आस्था कुमारी कक्षा-10 ने बेहतर राखियों का निर्माण किया।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार सहित शिक्षक प्रवीण सिंह, अमित शर्मा, कृष्णा मंडल, अशोक भगत, दिलदार हुसैन, अनुज सिंह, समीर मंडल, समीर शर्मा, अमानत अंसारी, विपीन राय, रामाशंकर गुप्ता, सुरेन्द्र मंडल, देवसुंदर भंडारी, विधि झा, पूजा यादव, परमिला, सब्बी खातून आदि उपस्थित थे।

70 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क पर उठे सवाल
  
विभाग द्वारा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा से 70 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया गया। इसके बदले विभाग ने सिल्क धागा, तिलक पैक, संदेश लेखन के लिए विशेष A4 पेपर, लिफाफा और स्पीड पोस्ट शुल्क उपलब्ध कराया।

हालांकि कुछ अभिभावकों ने दबे स्वर में कहा कि विभाग की यह पहल सराहनीय है, लेकिन बच्चों से पंजीयन शुल्क लेना इस अच्छी पहल का निराशाजनक पक्ष है।