बाबाधाम में पारदर्शिता और देवघर में भू-माफिया पर लगाम की मांग, भाजपा नेता चन्द्रशेखर खवाड़े ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
देवघर : पंडा धर्मरक्षिणी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता चन्द्रशेखर खवाड़े ने बुधवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार से राजभवन में भेंट कर जनहित से जुड़े दो अहम मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा।
भेंट के दौरान श्री खवाड़े ने राज्यपाल को अपनी स्वलिखित पुस्तक "बाबा बैद्यनाथ धाम दिव्य कथा" भी भेंट की।
पहले ज्ञापन में बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर की व्यवस्था को देश में सबसे पारदर्शी और श्रद्धालु-हितैषी बनाने की मांग की गई है।
इसमें शामिल प्रमुख बिंदु:-
- मंदिर की आय-व्यय और दान की राशि का नियमित सार्वजनिक विवरण जारी हो.
- स्वतंत्र ऑडिट की व्यवस्था हो और चढ़ावे की गिनती प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी में CCTV व डिजिटल रिकॉर्डिंग के साथ हो.
- मंदिर कर्मियों की आय-संपत्ति का सत्यापन हो और कल्याण कोष के उपयोग का वार्षिक ब्योरा सार्वजनिक हो.
- प्रोटोकॉल के नियम स्पष्ट रूप से प्रकाशित हों, निःशुल्क प्रसाद-भोजन की व्यवस्था हो.
- शिखर पर लगे लाउडस्पीकर का रख-रखाव, चढ़े हुए जल-पुष्प का वैज्ञानिक निपटारा और कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड लागू हो.
दूसरे ज्ञापन में देवघर में बढ़ रही भू-माफिया गतिविधियों, फर्जी दस्तावेज, अवैध कब्जे और दलाली तंत्र का मुद्दा उठाया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि "कॉरिडोर" के नाम पर फैलाई जा रही अफवाहों का फायदा उठाकर आम लोगों की जमीन-घर औने-पौने दाम पर खरीदे जा रहे हैं। इससे आम नागरिकों में भय का माहौल है।
प्रमुख मांगें:-
- भू-माफिया और उनके संरक्षकों की उच्चस्तरीय जांच, पिछले वर्षों में अर्जित संपत्ति का सत्यापन
- सरकारी-गैर सरकारी कार्यालयों में व्याप्त दलाली तंत्र की जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई
- अफवाह फैलाकर जमीन खरीद-बिक्री करने वालों पर FIR, विशेष जांच दल का गठन
- शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा और अगर किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी की संलिप्तता मिले तो बिना भेदभाव कार्रवाई.
चन्द्रशेखर खवाड़े ने कहा कि इन ज्ञापनों का उद्देश्य किसी को निशाना बनाना नहीं है। उद्देश्य बाबाधाम की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था और देवघर की जनता के हितों की रक्षा करना है।
उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि दोनों विषयों पर गंभीरता से विचार कर संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि बाबाधाम पारदर्शिता का मॉडल बने और देवघर में भू-माफिया पर प्रभावी अंकुश लगे।






