देवघर : नाबालिग के अपहरण के आरोप में 19 वर्षीय युवक की जमानत याचिका खारिज.
■ पोक्सो कोर्ट ने कहा - गंभीर आरोप, जमानत का हकदार नहीं.
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
देवघर : विशेष न्यायाधीश पोक्सो, देवघर की अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार 19 वर्षीय बिट्टू कुमार वर्मा की जमानत याचिका 08.07.2026 को खारिज कर दी।
बिट्टू कुमार वर्मा, पिता- बास्की वर्मा, निवासी ग्राम- रतुरा, थाना- सारवां, जिला- देवघर के खिलाफ *सारवां थाना में कांड संख्या- 53/2026 दर्ज है। आरोप है कि 06.05.2026* की सुबह करीब 5 बजे पीड़िता, जो उस समय लगभग *15 वर्ष की नाबालिग* थी, शौच के लिए घर से निकली थी। उसके बाद वह घर नहीं लौटी।
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि बिट्टू वर्मा ने उनकी नाबालिग बेटी को *शादी के इरादे से बहला-फुसलाकर भगा ले गया*। दोनों फोन पर बात करते थे। बिट्टू वर्मा पीड़िता के मोबाइल पर अपने नंबर से बात करता था। इस मामले में *BNS की धारा 87, 137(2)* के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस ने आरोपी बिट्टू को *26.05.2026* को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियुक्त के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता निर्दोष है और उसके खिलाफ कोई कानूनी सबूत नहीं है। पीड़िता ने भी बयान में कहा कि वह आरोपी के साथ अपनी मर्जी से गई और उससे शादी की।
वहीं विशेष लोक अभियोजक ने विरोध करते हुए कहा कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी, जिसकी पुष्टि *मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र* से भी होती है। इसलिए यह गंभीर अपराध है और आरोपी जमानत का पात्र नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद *विशेष न्यायाधीश आर.के. सिन्हा* ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में उपलब्ध सामग्री, पीड़िता की नाबालिगता और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए *अभियुक्त बिट्टू कुमार वर्मा को जमानत पर रिहा करने के पक्ष में नहीं* हैं।
कोर्ट ने जमानत याचिका संख्या- 917/2026 *खारिज* कर दी। साथ ही न्यायाधीश ने मामले की जांच जारी रखने का भी निर्देश दिया।

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