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सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बावजूद देवघर में दौड़ रहे हैं जानलेवा डबल डेकर वाहन.


• कागजो पर प्रतिबंध, सड़कों पर बेरोकटोक परिचालन, प्रशासन मौन.

रांची एक्सप्रेस ब्यूरो 

देवघर : राजकीय श्रावणी मेला-2026 में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के नाम पर जिला प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर देवघर जिले की सीमा में "डबल डेकर वाहनों" के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध का दावा किया था। जिला प्रशासन के अनुसार भीड़ नियंत्रण और हादसों से बचने के लिए यह प्रतिबंध मेला अवधि तक सख़्ती से लागू रहेगा, सीमाओं पर पुलिस बल और जांच चौकियां तैनात हैं।

लेकिन जमीनी हकीकत इस दावे को झूठा साबित कर रही है। 20 अगस्त 2026 की रात 02:10 बजे ली गई तस्वीर में एक जुगाड़ू डबल डेकर वाहन, जिसमें बांस-बल्लियों से दो मंजिला ढांचा बनाकर ऊपर-नीचे श्रद्धालु भरे हुए हैं, पुलिस बैरिकेड के सामने से बेरोकटोक गुजर रहा है।
इतना ही नहीं मेला क्षेत्र अंतर्गत कोठिया स्थित वाहन पड़ाव स्थल में भी डबल डेकर वाहन भरे पड़े हैं।

उल्लेखनीय है कि यह सिर्फ देवघर जिला प्रशासन के आदेश का उल्लंघन नहीं, बल्कि "सुप्रीम कोर्ट" के आदेश और मोटर वाहन अधिनियम का भी खुला उल्लंघन है।

इस बारे में "सुप्रीम कोर्ट" की सड़क सुरक्षा समिति (जस्टिस के.एस. राधाकृष्णन कमेटी) ने सभी राज्यों को आदेश दिया था कि ओवरलोडिंग, वाहन के ढांचे में अवैध बदलाव और खतरनाक तरीके से सवारी ढोने वाले वाहनों पर सख़्त कार्रवाई की जाए। नागरिक सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए "सुप्रीम कोर्ट" ने कहा है कि ऐसे वाहनों को किसी भी कीमत पर सड़कों पर चलने नहीं दिया जाए।

मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 52 और धारा 122/124 किसी भी वाहन में कंपनी के तय मानक से छेड़छाड़ कर बांस-बल्ली से दूसरी मंजिल बनाना अवैध मॉडिफिकेशन है। धारा 52 इसका स्पष्ट उल्लंघन है। ऊपर बैठाकर सवारी ले जाना धारा 128 और ओवरलोडिंग का केस बनता है। ऐसे वाहन का फिटनेस और परमिट स्वतः निरस्त माना जाता है।

फिर भी देवघर में न तो ऐसे वाहनों को जब्त किया जा रहा है, न चालान। तस्वीर में दिख रहा है कि बैरिकेड के बगल में ही वाहन निकल गया।

श्रावणी मेला में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु बाहर से देवघर आ रहे हैं। बिजली के तार, कमजोर पुल और भीड़भाड़ वाले रास्ते में यह जुगाड़ू डबल डेकर वाहन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। सवाल यह है कि हादसे के बाद कार्रवाई होगी, या प्रशासन पहले ही जागेगा ?