सारठ में ड्राइविंग लाइसेंस शिविर हंगामे के साथ स्थगित होने पर, पूर्व स्पीकर शशांक भोक्ता ने साधा निशाना.
■ "सरकार को बदनाम करने की साजिश, जिम्मेदार अधिकारियों पर हो कार्रवाई.
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
सारठ (देवघर) : डीसी के निर्देश पर *बीते गुरुवार को सारठ प्रखंड कार्यालय* में आयोजित *ड्राइविंग लाइसेंस शिविर* विभागीय लापरवाही के कारण *हंगामे के साथ स्थगित* कर दिया गया। इसको लेकर *पूर्व स्पीकर शशांक शेखर भोक्ता* ने शुक्रवार, 10 जुलाई को चितरा में पत्रकारों से बातचीत में जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को आड़े हाथों लिया।
पूर्व स्पीकर ने कहा कि *मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन* का पंचायतों और प्रखंडों में शिविर लगाने का उद्देश्य ग्रामीणों को डीटीओ कार्यालय का चक्कर बचाना है। ताकि ग्रामीणों को लाइसेंस न रहने पर पुलिस की कार्रवाई का सामना न करना पड़े और उन्हें दलालों के चंगुल में न फंसना पड़े।
लेकिन सारठ में लगे शिविर में गड़बड़ी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिविर में *महज 70 अभ्यर्थियों की सूची* प्रदर्शित की गई थी, जिसमें *80 प्रतिशत नाम मोहनपुर, सोनारायठाढी, देवीपुर, सारवां* जैसे अन्य प्रखंडों के थे।
उन्होंने कहा, "जब मुख्यमंत्री ने हर प्रखंड में कैंप लगाने का आदेश दिया है तो उसी प्रखंड के लोगों को लाभ मिलना चाहिए था। ये पूरी तरह अधिकारियों की मनमानी और सरकार को बदनाम करने की साजिश है।"
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिविर में दूर-दराज से काम छोड़कर आए लोग जब अपना नाम नहीं देख पाए तो अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ते देख *बीडीओ चंदन कुमार सिंह* ने सारठ पुलिस को सूचना दी। *एएसआई रामबृक्ष सिंह* पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित बाहर निकाला।
श्री भोक्ता ने कहा कि "सारठ की धरती राजनीतिक रूप से शून्य हो गई है। जनता के चुने प्रतिनिधि सामने नहीं आ रहे। प्रमुख, विधायक को जिला प्रशासन के पास इसका कड़ा विरोध करना चाहिए था।"
उन्होंने मांग की कि *जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई* हो और जल्द ही पूरी व्यवस्था के साथ पुनः शिविर का आयोजन किया जाए, ताकि सरकार के प्रति लोगों का विश्वास बना रहे।
इस अवसर पर *झामुमो नेता राममोहन चौधरी, राजेश राय, प्रदीप सिंह, युगल किशोर राय, मदन सिंह* आदि उपस्थित थे।


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