मधुपुर के राहुल अध्ययन केंद्र में महापुरुषों को किया याद, त्रिलोचन शास्त्री, दाभोलकर और रामशरण शर्मा को दी श्रद्धांजलि
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
मधुपुर बाजार (देवघर) : शहर के भेड़वा नावाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में गुरुवार को एक स्मृति सभा का आयोजन कर जनवादी कवि त्रिलोचन शास्त्री की जयंती, नरेंद्र दाभोलकर के शहादत दिवस और प्रख्यात इतिहासकार रामशरण शर्मा की स्मृति दिवस पर उन्हें याद किया गया।
मौके पर उपस्थित लोगों ने तीनों विभूतियों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जलेस के प्रांतीय सह सचिव व कलमकार धनंजय प्रसाद ने कहा कि त्रिलोचन शास्त्री आधुनिक हिंदी काव्य और प्रगतिशील काव्य धारा के प्रसिद्ध कवि थे। छायावाद के बाद की पीढ़ी में उनके जैसा काव्यविद और शास्त्रज्ञ कवि बहुत कम हुए हैं। उन्होंने हिंदी काव्य में सॉनेट की परंपरा की शुरुआत की। 'धरती', 'गुलाब और बुलबुल' और 'दिगंत' उनके तीन प्रमुख काव्य संग्रह हैं। उन्हें साहित्य अकादमी सम्मान सहित कई सम्मानों से नवाजा गया था। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज और व्यवस्था की विसंगतियों पर हमेशा चोट की।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र दाभोलकर अंधविश्वास के विरोधी, वैज्ञानिक सोच और विवेकशीलता के प्रखर पैरोकार थे। वे सांप्रदायिक कट्टरपंथ के विरोध में लगातार कलम चलाते थे, जिस वजह से फासीवादी कट्टरपंथियों ने उनकी हत्या कर दी।
रामशरण शर्मा के बारे में उन्होंने कहा कि वे प्रख्यात इतिहासकार और जनवादी सांस्कृतिक संगठन इप्टा के संरक्षक थे।
उन्होंने कहा कि ऐसी विभूतियों को भुलाया नहीं जा सकता, उन्हें याद करना हमारा दायित्व है। मौके पर अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।






