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25 साल में भी नहीं बदली सूरत: बेलडीह-परसन की 5 किमी कच्ची सड़क पर आज तक नहीं चढ़ा डामर, कीचड़ में फंस रही जिंदगी


रांची एक्सप्रेस संवाददाता बेंगाबाद 

अलग राज्य बने 25 साल बीत गए, सरकारें बदल गईं, दावे बड़े-बड़े हुए, लेकिन तेलोनारी पंचायत के बेलडीह, परसन समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीण आज भी सुदृढ़ सड़क का इंतजार कर रहे हैं। ऊबड़-खाबड़ कच्ची सड़क और पगडंडियां ही यहां के लोगों की मजबूरी बनी हुई हैं।

पंचायत के कई गांवों के लोग आवागमन के लिए बनहती से छोटकी खरगडीहा जाने वाली पक्की सड़क तक पहुंचने को इसी जर्जर कच्ची सड़क पर निर्भर हैं। 5 किलोमीटर से अधिक लंबी यह सड़क आरईओ विभाग के अधीन है, लेकिन आज तक इस पर कालीकरण का काम शुरू नहीं हो सका। 

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न बनने से रोजमर्रा की जिंदगी बेहाल है। बरसात में तो हालात और बदतर हो जाते हैं। कच्ची सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है और गड्ढों में पानी भरने से चलना दूभर हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बीमारों और गर्भवती महिलाओं को होती है। आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाना किसी जंग लड़ने से कम नहीं।

बताया जाता है कि इस सड़क पर मनरेगा के तहत मिट्टी-मोरम डालने और पुलिया निर्माण का काम तो हुआ, लेकिन पक्कीकरण की बाट अब भी जोह रहे हैं ग्रामीण। सड़क की दुर्दशा के कारण इलाके के दर्जनों गांवों की बड़ी आबादी प्रभावित है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द सड़क निर्माण की मांग की है, ताकि उन्हें सुगम यातायात की सुविधा मिल सके।

वहीं इस मामले में आरईओ विभाग के जेई फैयाज आलम का कहना है कि बेलडीह-परसन सड़क का रोडमैप उनके पास उपलब्ध नहीं है। न ही इस सड़क के निर्माण को लेकर किसी जनप्रतिनिधि की अनुशंसा मिली है। उन्होंने कहा कि यदि विधायक की अनुशंसा मिल जाती है तो सड़क के कालीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अब देखना यह है कि जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा कब मिलती है और कब इस सड़क पर विकास की गाड़ी दौड़ती है।
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