BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में पलामू में “झारखंड छात्र न्याय सत्याग्रह”


सूर्या सोनल सिंह एक दिवसीय अनशन पर बैठेंगे, बोले—“लाठी का जवाब लोकतंत्र से देंगे”

पलामू : रांची में अपने अधिकारों एवं विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में 12 अगस्त को मेदिनीनगर के कचहरी परिसर में “झारखंड छात्र न्याय सत्याग्रह — लाठी का जवाब लोकतंत्र से” आयोजित किया जाएगा।
इस सत्याग्रह के दौरान सूर्या सोनल सिंह स्वयं एक दिवसीय शांतिपूर्ण अनशन पर बैठेंगे और काली पट्टी बांधकर छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में अपना प्रतिवाद दर्ज कराएंगे।
कार्यक्रम में छात्रों, युवाओं, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है। सत्याग्रह पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा।

सूर्या सोनल सिंह ने कहा, “झारखंड के छात्र अपने अधिकार और अपने भविष्य को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं। उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हम इस दमन के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेंगे। लाठी का जवाब लाठी से नहीं, लोकतंत्र से देंगे।”

उन्होंने कहा कि छात्रों का संघर्ष केवल छात्रों का संघर्ष नहीं है, बल्कि उनके माता-पिता और पूरे समाज के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने पलामू के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों से अपील की कि वे 12 अगस्त को कचहरी परिसर पहुंचकर सत्याग्रह को अपना समर्थन दें।

उन्होंने कहा, “मैं स्वयं एक दिन के अनशन पर बैठकर छात्रों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करूंगा। हमारा उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन तक छात्रों की आवाज लोकतांत्रिक तरीके से पहुंचाना है।”

कार्यक्रम का विवरण

कार्यक्रम: झारखंड छात्र न्याय सत्याग्रह
स्थान: कचहरी परिसर, मेदिनीनगर (डाल्टनगंज)
दिनांक: 12 अगस्त 2026
समय: प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक
विशेष: सूर्या सोनल सिंह का एक दिवसीय शांतिपूर्ण अनशन एवं काली पट्टी सत्याग्रह

सूर्या सोनल सिंह ने सभी से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर छात्रों के न्याय, सम्मान और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज को मजबूत करें।

“लाठी का जवाब लोकतंत्र से देंगे,
छात्रों की आवाज दबने नहीं देंगे।”