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नशे के खिलाफ जामताड़ा प्रशासन सख्त, हर माह होगी दवा दुकानों की जांच


बल्क में कफ सिरप की खरीद-बिक्री मिलने पर कार्रवाई, स्कूलों में किशोरों पर विशेष निगरानी के निर्देश

जामताड़ा। समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में मादक पदार्थों की तस्करी एवं दुरुपयोग की रोकथाम को लेकर जिला स्तरीय एनकोर्ड (NCORD) समिति की बैठक हुई। बैठक में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी, बिक्री और सेवन पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने जिले के औषधि प्रतिष्ठानों की नियमित जांच का निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक माह कम से कम 5 से 10 दवा दुकानों का औचक निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान यदि किसी प्रतिष्ठान में बल्क मात्रा में कफ सिरप की खरीद-बिक्री पाई जाती है तो उसकी जांच कर संबंधित प्रतिष्ठान को चिन्हित करते हुए कार्रवाई की जाए। असंतोषजनक जांच वाले प्रतिष्ठानों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने नारकोटिक्स से जुड़े मामलों की जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस को देने को कहा। साथ ही नशीले पदार्थों की बिक्री या सेवन के लिए चिन्हित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने विद्यालयों में किशोरों पर विशेष निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों के स्वभाव, व्यवहार और उपस्थिति में होने वाले बदलावों पर सूक्ष्मता से नजर रखने तथा नशे के दुष्परिणामों को लेकर दीवार लेखन एवं जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया।
उन्होंने जेएसएलपीएस सखी मंडल की महिलाओं को नशा मुक्ति अभियान से जोड़ने और प्रत्येक बैठक में नशा मुक्ति पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित करने को कहा। स्वास्थ्य केंद्रों में प्रत्येक माह तीसरे सप्ताह होने वाले जागरूकता कैंप की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन नशीले पदार्थों की रोकथाम को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि नशे का सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह ने कहा कि नशे के शिकार व्यक्ति के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने पर इसकी सूचना पुलिस को दी जाए, ताकि अवैध मादक पदार्थों से जुड़े सिंडिकेट पर कार्रवाई की जा सके। बैठक में डीडीसी असीम किस्पोट्टा, सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।