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डीपीएस रांची ने देशभक्ति और गौरव के साथ मनाया 80वाँ स्वतंत्रता दिवस


दिल्ली पब्लिक स्कूल रांची में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस अत्यंत देशभक्ति, गर्व और उत्साह के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर को स्मरण करने तथा देश की स्वतंत्रता के लिए अनगिनत बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विद्यालय परिसर में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक एवं विद्यालय के कर्मचारी एकत्रित हुए। इस अवसर पर विद्यालय परिसर भारतीय तिरंगे के रंगों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिससे एकता, गौरव और देशभक्ति का वातावरण निर्मित हो रहा था। समारोह में “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” तथा “हर घर तिरंगा” जैसे विषयों की भावना दिखाई दी। इन विषयों ने सभी को यह संदेश दिया कि राष्ट्र के प्रति प्रेम केवल किसी एक उत्सव तक सीमित नहीं, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुआ, जिसने पूरे विद्यालय परिसर को देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत कर दिया। इसके पश्चात विद्यालय की माननीय प्राचार्या डॉ. जया चौहान ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। आकाश में गर्व से लहराते तिरंगे के साथ उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रगान गाया। इसके बाद सेकेंडरी एवं प्राइमरी विंग के विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स तथा विद्यालय की परेड बैंड द्वारा प्रभावशाली मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया गया। उनकी अनुशासित चाल, तालमेल और शानदार प्रदर्शन ने समर्पण, आत्मविश्वास तथा राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को अभिव्यक्त किया।

मार्च-पास्ट के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन विवेकानंद सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के संगीत दल द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायक देशभक्ति गीत “वो मिट्टी के बेटे” से हुआ। मधुर प्रस्तुति ने मातृभूमि के वीर सपूतों के साहस, त्याग और अदम्य भावना को जीवंत कर दिया। इसके पश्चात कक्षा XII के विद्यार्थी रुद्रांश कृष्णा ने “स्वतंत्रता” के अर्थ पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के अमूल्य योगदान एवं बलिदानों को स्मरण करते हुए समकालीन भारत में नागरिकों के दायित्वों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सच्ची स्वतंत्रता जिम्मेदार नागरिकता तथा राष्ट्र के विकास में सक्रिय सहभागिता की मांग करती है।

विद्यालय के संगीत दल ने इसके बाद “चंदन है इस देश की माटी” गीत प्रस्तुत किया। इस भावपूर्ण प्रस्तुति ने मातृभूमि के प्रति श्रद्धा तथा देश को एक सूत्र में बाँधने वाले मूल्यों को सुंदर ढंग से अभिव्यक्त किया। समारोह में काव्य का रंग भरते हुए कक्षा VIII के विद्यार्थी ऋषि जैन ने “यह है हमारा प्यारा भारत” कविता प्रस्तुत की। कविता के माध्यम से उन्होंने मातृभूमि के गौरव, विविधता और भारत की महानता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

इसके बाद कक्षा I के नन्हे विद्यार्थियों ने एक मनमोहक नाट्य प्रस्तुति दी, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की यात्रा को दर्शाया गया। प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को तिरंगे के विकास की यात्रा से परिचित कराया गया तथा राष्ट्रीय ध्वज को राष्ट्रीय पहचान, एकता और गौरव के प्रतीक के रूप में रेखांकित किया गया। कक्षा III से V के विद्यार्थियों ने “हमारे सपनों का भारत” विषय पर एक विचारोत्तेजक नाट्य प्रस्तुति दी। इसमें वर्ष 2047 के भारत की परिकल्पना करते हुए युवा नागरिकों की आकांक्षाओं को प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति में एक प्रगतिशील, समावेशी, टिकाऊ और विकसित भारत का स्वप्न साकार किया गया। विद्यार्थियों ने सुंदर ढंग से यह संदेश दिया कि आने वाले भारत का निर्माण आज की पीढ़ी के सपनों, निर्णयों और कार्यों से होता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम आगे बढ़ा तो कक्षा XI के विद्यार्थियों ने ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुति दी। इसके पश्चात कक्षा VI से X के विद्यार्थियों ने एक और जीवंत नृत्य प्रस्तुत किया। दोनों प्रस्तुतियों ने सभागार में उत्साह और देशभक्ति की भावना को और अधिक प्रबल कर दिया।

इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए विद्यालय की माननीय प्रधानाचार्या डॉ. जया चौहान ने जिम्मेदार नागरिकता और उद्देश्यपूर्ण कार्यों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा, “हमें इस बात पर केंद्रित होना चाहिए कि हम राष्ट्र को क्या दे रहे हैं। हमें अपना कर्तव्य ईमानदारी और करुणा के साथ निभाना चाहिए। स्वतंत्रता दिवस केवल एक भावना नहीं है; यह जीवन जीने का एक तरीका है।” उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ अपने दायित्वों का निर्वहन करना, दूसरों का सम्मान करना, समाज की सेवा करना तथा राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान देना है। उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान किया कि वे जिम्मेदार, संवेदनशील और सक्षम नागरिक बनें, स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को आगे बढ़ाएँ तथा एक सशक्त और प्रगतिशील भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें समारोह को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। डीपीएस रांची के विद्यार्थियों ने पूरे कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन किया। उनके आत्मविश्वास, प्रभावशाली वाक्पटुता और प्रस्तुति कौशल ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया।

यह समारोह इस महत्वपूर्ण सत्य की सार्थक याद दिलाता रहा कि आज हम जिस स्वतंत्रता का आनंद ले रहे हैं, वह असंख्य बलिदानों का परिणाम है और राष्ट्र को सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। डीपीएस रांची में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह इस प्रकार देशभक्ति, कृतज्ञता, जिम्मेदारी और आशा की जीवंत अभिव्यक्ति बन गया—ऐसे भारत की आशा, जो साहस, एकता और उद्देश्य के साथ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो।