मेदिनीनगर : मेदिनीनगर नगर निगम को महापौर अरुणा शंकर ने मेदिनीनगर में आवारा कुत्तों के हमले में सात-आठ बच्चों के घायल होने पर गहरा दुख जताया और कहा कि यह गंभीर घटना है, जिसे सामान्य नहीं माना जा सकता। बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा नगर निगम की प्राथमिकता है, और कानूनी प्रावधानों के अनुसार प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि देश के कई शहरों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या बड़ी चुनौती है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, आवारा कुत्तों को हटाना या उनके साथ अमानवीय व्यवहार की अनुमति नहीं है। इसलिए, समस्या का स्थायी समाधान नसबंदी, टीकाकरण और वैज्ञानिक प्रबंधन में है।
महापौर ने कहा कि हर जिले में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर स्थापित किए जाने का सुझाव माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दिया है, जहां आवारा कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण और देखभाल होगी। मेदिनीनगर नगर निगम भी जल्द एबीसी सेंटर स्थापित करेगा और सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्ययोजना तैयार करेगा। उन्होंने रेबीज टीकों की पर्याप्त उपलब्धता निगम अस्पताल में भी सुनिश्चित करने और नागरिकों को रेबीज से बचाव के प्रति जागरूक करने कि दिशा में पहल करने का निर्देश निगम को दिए। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल कानूनी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही हल होगी और सभी की सहभागिता से एक प्रभावी योजना लागू की जाएगी, जिससे आवारा कुत्तों की समस्या पर नियंत्रण हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।






