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छात्रों पर लाठीचार्ज, अश्रुगैस व वाटर कैनन का प्रयोग निंदनीय: झारखण्ड क्रांति मंच


पलामू : झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि जेपीएससी,जेएसएससी व सीजीएल परीक्षाओं में भीषण धांधली की सीबीआई जांच कर रद्द करने आदि मांगों पर आन्दोलन कारी छात्रों पर हैमन्त सरकार की पुलिस द्वारा बर्बर लाठीचार्ज, अश्रुगैस के गोले दागने व वाटर कैनन के प्रयोग की कड़ी निन्दा करते हुए कहा है कि केन्द्र में चाहे एन०डी०ए० की मोदी सरकार हो अथवा झारखण्ड में इंडिया गठबंधन की हेमन्त सरकार हो आन्दोलनकारी छात्रों व नौजवानों पर अमानुषिक दमन व अलोकतांत्रिक दमन के मामले में उनकी भूमिका निंदनीय है। उन्होंने कहा है कि अपने जन्मदिन पर लाठीचार्ज की सौगात भेंटकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सिद्ध कर दिया कि उनकी सहानुभूति फ्री और फेयर तरीके से जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल आदि परीक्षाओं में पारदर्शितापूर्ण  न्युक्तियों की मांग कर रहे झारखण्डी छात्रों के साथ नहीं है। बयान में जेकेएम अध्यक्ष ने कहा है कि जेपीएससी के निवर्तमान अध्यक्ष व राज्य के वरिष्ठ नौकरशाह एल०ख्यांगते की सीआईडी द्वारा गिरफ्तारी जेपीएससी परीक्षाओं में भीषणतम धांधली का संकेत है।इस संदर्भ में जेपीएससी के सदस्य डा०अनिमा हांसदा,अजिता भट्टाचार्य व डा०जमाल अहमद से सिर्फ इस्तीफा लेने के बदले उनके उपर एफ०आई०आर० दर्ज कर   गिरफ्तारी होनी चाहिए, लेकिन हेमन्त सरकार " कड़वा-कड़वा तू और मीठा-मीठा गप्प " के कहावत को चरितार्थ कर रही है,जो निंदनीय है।
      झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि अगर इस आन्दोलन को आक्रामक व हिंसक बनाने में संघ व भाजपा से जुड़े उपद्रवियों ने भूमिका निभाई तो इससे पूर्व सरकार ने क्यों नहीं छात्रों की मांगों को मानकर अवांछित स्थिति पैदा होने से रोका।  11 अगस्त को भाजपा द्वारा झारखण्ड बंद की घोषणा की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा है कि जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस ने बर्बरतम,क्रुरतम व अलोकतांत्रिक दमन किया था,तो संघी/हुड़दंगी कहां सोये हुए थे? क्या आज का झारखण्ड बंद आग लगाकर तापने का भाजपाई प्रहसन नहीं है?